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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Primary School embedded in the river

घाघरा में समाया प्राइमरी स्कूल

Mon, 29 Jun 2015 11:29 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 29 Jun 2015 11:29 PM IST
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करनैलगंज क्षेत्र में बाढ़ के चलते एल्गिन-चरसडी बांध की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बांध को बचाने के लिए बनाए गए छह स्परों में तीन का आधा हिस्सा कट कर नदी में समा गया। घाघरा की धारा 100 मीटर दूर थी। अब बाढ़ का पानी बांध से सट कर बहने लगा है।
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इससे बांध कभी भी कट सकता है। घाघरा की कटान के आगे प्रशासन की सारी कवायदें फेल हो गईं। बांध की रक्षा अब भगवान भरोसे है। घाघरा की धारा बाराबंकी की ओर से गोंडा जिले के कछार पर बसे गांवों की ओर मुड़ गई है। बनाए गए स्पर नदी में समाते जा रहे हैं। प्रशासन ने बांध कटने का संकेत देते हुए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
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बाढ़ के चलते तीन गांवों को खाली कराया गया है। कटान होने से परसावल गांव का प्राइमरी स्कूल नदी में समा गया है। सोमवार को घाघरा ने उग्र रूप धारण कर लिया। पहाड़ों से आए पानी से उफनाई घाघरा अब एल्गिन-चरसड़ी बांध से जबरदस्त तरीके से टकराने लगी है।
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बांध को बचाने के लिए बनाए गए स्परों में एक नंबर स्पर 185 मीटर था, जो 151 मीटर ही बचा है। स्पर दो 99 मीटर में 52 मीटर ही बचा है। तीन नंबर स्पर 89 मीटर में मात्र 60 मीटर शेष है। सोमवार को घाघरा में करीब दो लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ।

नदी की धारा ने  परसावल गांव की ओर से मुड़ कर गोंडा की तरफ रुख कर लिया है, जिससे पानी का टकराव सीधे बांध से होने लगा है। बांध पर बचाव कार्य में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर लिए हैं। तेज बहाव के चलते बालू भरी बोरियां भी नदी में समाती जा रही हैं।

इससे नदी का दबाव बांध पर बढ़ रहा है। बांध का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम वीके सिंह ने बांध की स्थिति को देख जिला प्रशासन को सूचना देने के साथ ही आसपास के गांवों में हाई अलर्ट घोषित करते हुए ग्रामीणों से गांवों को छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के निर्देश दिए हैं।

एल्गिन-चरसड़ी बांध के किनारे बसे रायपुर, परसावल व नकहरा के लोगों ने गांव छोड़कर बांध पर शरण ले ली है। कटान के चलते परसावल गांव का प्राइमरी स्कूल नदी में समा गया है। घाघरा में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इस बार बांध की मरम्मत भी नहीं हुई थी। जगह-जगह रेन कट भी नहीं भरे गए थे। इससे लग रहा है कि बांध पर पानी का दबाव बढ़ते ही बांध कट जाएगा। बांध कटने से करनैलगंज क्षेत्र के सैकड़ों मजरों के लोग प्रभावित होंगे।


बांध की स्थिति अत्यंत नाजुक है। करनैलगंज तहसील व आसपास के गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस बार बांध की मरम्मत का कार्य यूपी पावर प्रोजेक्ट द्वारा कराया जा रहा था। 15 जून तक कार्य पूरा करना था, मगर अब तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसमें लापरवाही की गई। इसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है। - वीके सिंह, एसडीएम


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