{"_id":"5f4d18e78ebc3e17665f4bb6","slug":"price-support-scheme-will-start-from-november-1-gonda-news-lko537768741","type":"story","status":"publish","title_hn":"1 नवंबर से शुरू होगी मूल्य समर्थन योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1 नवंबर से शुरू होगी मूल्य समर्थन योजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। किसानों के मूल्य समर्थन योजना की शुरुआत एक नवंबर से होगी। संभागीय खाद्य नियंत्रक दिनेश शर्मा ने बताया कि जनपद गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती के किसानों के लिए आगामी धान खरीद एक नवंबर से मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया है कि इसके लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों को पंजीयन कराना आवश्यक है।
उन्होंने बताया है कि कृषक पंजीयन 05 अगस्त से ई-उपार्जन पोर्टल पर शुरू हो चुका है, जिन किसानों ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूं विक्रय हेतु पंजीकरण करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। किसानों को अपना पुराना पंजीकरण प्रपत्र देखकर यदि उसमें कोई संशोधन नहीं किया जाना है तो उसे फिर से लॉक करना होगा।
ई-उपार्जन पोर्टल पर कृषक पंजीयन प्रपत्र में अपना बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, भूमि का रकबा, बोये गये धान का रकबा आदि सावधानी पूर्वक भरें, जिससे कि समय से सत्यापन हो सके और भुगतान में असुविधा न हो। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था है, जिसके लिए किसानों को पंजीयन के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही सावधानी से अंकित करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया है कि कृषक पंजीयन 05 अगस्त से ई-उपार्जन पोर्टल पर शुरू हो चुका है, जिन किसानों ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूं विक्रय हेतु पंजीकरण करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। किसानों को अपना पुराना पंजीकरण प्रपत्र देखकर यदि उसमें कोई संशोधन नहीं किया जाना है तो उसे फिर से लॉक करना होगा।
विज्ञापन
ई-उपार्जन पोर्टल पर कृषक पंजीयन प्रपत्र में अपना बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, भूमि का रकबा, बोये गये धान का रकबा आदि सावधानी पूर्वक भरें, जिससे कि समय से सत्यापन हो सके और भुगतान में असुविधा न हो। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था है, जिसके लिए किसानों को पंजीयन के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही सावधानी से अंकित करना होगा।
विज्ञापन