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पंचायतों में जल्द तेज होंगे विकास, तैयारी में जुटा विभाग
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गोंडा। पंचायतों में गांव की नई सरकार के गठन बाद अब विकास कार्य भी जल्दी स्पीडअप होंगे। डीएम के निर्देश पर पंचायत राज व ग्राम्य विकास विभाग ने इसका खाका तैयार किया है। साथ ही नए प्रधानों से भी कराए जाने वाले कार्यों की सूची मांगी जा रही है।
वैसे तो बीते फरवरी व मार्च माह में ही पंचायतों की कार्य योजना तैयार हो गई थी। अब नए प्रधानों को उसी आधार पर कार्य करने हैं, फिलहाल सप्लीमेंटरी से कार्य योजना में बदलाव किए जाने की कवायद विभागीय अफसर कर रहे हैं। ताकि नव निर्वाचित प्रधानों की पसंद के कार्य को भी कार्ययोजना में शामिल किया जा सके।
जिले की 1214 पंचायतों में 1205 के पंचायत चुनाव हुए हैं, जिसमें से पांच प्रधानों का निधन हो चुका है। 9 पंचायतों में अभी दो साल बाद चुनाव होने हैं। वहां पर पूर्व के प्रधानों का ही कार्यकाल अभी चल रहा है।
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इसके अलावा 363 पंचायतों में कोरम पूरा न होने से शपथ ही नही हो पाई है। इस तरह 842 पंचायतों में गांव की सरकार का गठन हो चुका है। अभी पंचायतों के खातों का परिवर्तन हो रहा है।
बताया जा रहा है कि पंचायतों में 100 करोड़ से अधिक का बजट उपलब्ध है, इसके अलावा मनरेगा से 500 करोड़ के करीब की योजनाएं संचालित होनी हैं। इसके दृष्टिगत ही बीते दिनों जिलाधिकारी ने पंचायतों के स्वास्थ्य संसाधनों को बेहतर बनाने के साथ ही स्वच्छता और विकास से जुड़े प्राथमिकता के कार्यों की योजना तैयार करने को कहा था।
इसके तहत ही पंचायतों के विकास के लिए पहले से बनी योजनाओं में संशोधन करने की तैयारी चल रही है। इसके माध्यम से होने वाले विकास कार्य अगले माह से जमीन पर दिखना शुरू हो जाएंगे।
बेसिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर आपरेशन कायाकल्प के बचे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा कराते हुए स्कूलों की सूरत संवारने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए आनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करायी जा रही है। इसके तहत स्कूलों में 18 बिंदुओं पर कार्य कराने पर जोर दिया है।
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वैसे तो बीते फरवरी व मार्च माह में ही पंचायतों की कार्य योजना तैयार हो गई थी। अब नए प्रधानों को उसी आधार पर कार्य करने हैं, फिलहाल सप्लीमेंटरी से कार्य योजना में बदलाव किए जाने की कवायद विभागीय अफसर कर रहे हैं। ताकि नव निर्वाचित प्रधानों की पसंद के कार्य को भी कार्ययोजना में शामिल किया जा सके।
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जिले की 1214 पंचायतों में 1205 के पंचायत चुनाव हुए हैं, जिसमें से पांच प्रधानों का निधन हो चुका है। 9 पंचायतों में अभी दो साल बाद चुनाव होने हैं। वहां पर पूर्व के प्रधानों का ही कार्यकाल अभी चल रहा है।
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इसके अलावा 363 पंचायतों में कोरम पूरा न होने से शपथ ही नही हो पाई है। इस तरह 842 पंचायतों में गांव की सरकार का गठन हो चुका है। अभी पंचायतों के खातों का परिवर्तन हो रहा है।
बताया जा रहा है कि पंचायतों में 100 करोड़ से अधिक का बजट उपलब्ध है, इसके अलावा मनरेगा से 500 करोड़ के करीब की योजनाएं संचालित होनी हैं। इसके दृष्टिगत ही बीते दिनों जिलाधिकारी ने पंचायतों के स्वास्थ्य संसाधनों को बेहतर बनाने के साथ ही स्वच्छता और विकास से जुड़े प्राथमिकता के कार्यों की योजना तैयार करने को कहा था।
इसके तहत ही पंचायतों के विकास के लिए पहले से बनी योजनाओं में संशोधन करने की तैयारी चल रही है। इसके माध्यम से होने वाले विकास कार्य अगले माह से जमीन पर दिखना शुरू हो जाएंगे।
बेसिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर आपरेशन कायाकल्प के बचे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा कराते हुए स्कूलों की सूरत संवारने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए आनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करायी जा रही है। इसके तहत स्कूलों में 18 बिंदुओं पर कार्य कराने पर जोर दिया है।