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Gonda News: नेपाल सीमा पर ही अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के निर्माण की तैयारी

Sun, 01 Oct 2023 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 01 Oct 2023 11:10 PM IST
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Preparation for construction of international entry gate on Nepal border itself
बलरामपुर के नेपाल बार्डर पर किया गया ​शिलान्यास।
जरवा (बलरामपुर)। तुलसीपुर से कोयलाबास मार्ग पर भारत नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर प्रवेश द्वार अब सीमा से दूर नहीं बनाया जाएगा। अमर उजाला ने गत 29 सितंबर के अंक में भारत- नेपाल प्रवेश द्वार पर रार, निर्माण रुका... शीर्षक से खबर की थी। जिसमें प्रवेश द्वारा छह कीमी. अंदर बनाए जाने पर ग्रामीणों के आक्रोश को दर्शाया गया था। इसके बाद निर्माण कार्य को लेकर नए सिरे से कवायद तेज हो गई है।
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प्रवेश द्वार का निर्माण जरवा के टढ़वा गांव में हो रहा है। जिसके लिए एक करोड़ 14 लाख 91 हजार रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। निर्माण स्थल सीमा से छह किमी. दूर है, ऐसे में भविष्य में सीमा विवाद होने की आशंका से ग्रामीण लामबंद हो गए थे। लोक निर्माण विभाग ने विरोध पर काम तो रोक दिया था।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग व एसएसबी सक्रिय हो गई है। फिर से वन विभाग से आपत्ति का निस्तारण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पीडब्लूडी के अवर अभियंता सिद्वार्थ वर्मा ने कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए दोबारा आवेदन किया जा रहा है। वहीं सशत्र सीमा बल नौवीं वाहिनी के कमांडेंट ऋषिपाल सिंह ने बताया कि प्रवेश द्वार को सीमा पर ही बनवाने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा गया है। जिलाधिकारी को भी फोन से वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया है।
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नो-मेंस लैंड के निकट प्रवेश द्वार के निर्माण का हुआ था शिलान्यास

वर्ष 2021 में 30 नवंबर को नेपाल सीमा द्वार के सामने यानि नो-मेंस लैंड के निकट ही प्रवेश द्वार बनाए जाने की पहल हुई थी। उस समय पूर्व भाजपा विधायक गैंसड़ी शैलेश कुमार सिंह शैलू की ओर से शिलान्यास भी कर दिया था। उस समय वन विभाग से एनओसी पीडब्लूडी ने मांगी थी, जो दो साल में नहीं मिल सकी। जिससे निर्माण स्थल ही बदल दिया गया था।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राकेश मल ने बताया कि दो वर्षों से वन विभाग के वाइल्ड लाइफ, सेंचुरी एरिया से अभी तक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला है। इसलिए स्थान परिवर्तन करना पड़ा था, अब फिर से प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


प्रभारी मंत्री व केंद्रीय राज्यमंत्री तक पहुंचा मामला
अंतरराष्ट्रीय सीमा में प्रवेश व स्वागत द्वार का मामला प्रदेश सरकार तक भी पहुंच गया है। जिले के प्रभारी व आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के साथ ही केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर को भी ग्रामीणों ने वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है। सीमा के निकट ही प्रवेश द्वार बनाने की मांग की है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरालाल यादव, विशंभर यादव, मुकेश, चमन, पूर्व प्रधान राघवराम थारू, प्रधान बालापुर हरीश मिश्रा, हजारी, इदरीश, कय्यूम खान, शकील, अरुण साहू आदि प्रवेश द्वार सीमा के पास ही बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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