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आपात विद्युत कटौती ने उड़ाई नींद
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 05 Aug 2015 09:49 PM IST
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बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी है। सोमवार व मंगलवार को पूरी रात लोगों को सड़कों पर घूमकर बिताई। रात नौ बजे से 12 बजे के बीच हुई आपात कटौती के चलते न तो लोग ठीक से सो पाए और न ही सुबह के वक्त फिर से हुई दो घंटे की कटौती के चलते वह जरूरी काम ही निपटा पाए।
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देवीपाटन मंडल का मुख्यालय होने के नाते जिले में बिजली कटौती के लिए वैसे तो छह घंटे का समय नियत है। मगर मौजूदा समय ये कटौती आठ से 10 घंटे की जा रही है। सोमवार को दिन में हुई चार घंटे की एकमुश्त कटौती के बाद लोग ये सोचकर अपने घर गए थे कि रात में उन्हें बिजली मिलेगी।
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मगर शाम होते ही बिजली संकट फिर से गहरा गया और रात के नौ बजते ही आपात कटौती कर दी गई। जिससे सोने के समय लोग सड़कों पर घूमते नजर आए। एकमुश्त तीन घंटे की कटौती के बाद रात 12 बजे लोग घर जाकर सोए ही थे कि सुबह के पांच बजते ही फिर से बिजली काट दी गई। जिससे लोगों के घाव फिर से हरे हो गए।
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वहीं मंगलवार सुबह 11 बजे से तीन बजे के बीच चार घंटे की कटौती के बाद शाम को फिर से असमय रोस्टिंग कर दी गई। बेवजह होने वाली इस रोस्टिंग से लोगों का गुस्सा फिर से बढ़ गया है और वह किसी भी समय आक्रोश की शक्ल में सड़क पर फूट सकता है।
अधिशाषी अभियंता राधेश्याम भास्कर का कहना है कि आपात कटौती के लिए मुख्यालय पर सुबह 11 बजे से तीन बजे और रात में आठ बजे से 11 बजे का समय तय है। लेकिन कभी-कभी बिजली की डिमांड को देखते हुए इस समय से हटकर बिजली की कटौती कर दी जाती है। सिस्टम कंट्रोल को पत्र लिखकर इस पर अंकुश लगाने की मांग की जाएगी।