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पावर कॉर्पोरेशन का दावा, अब पीक आवर में नहीं कटेगी बत्ती

Wed, 22 Jun 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा Updated Wed, 22 Jun 2016 11:44 PM IST
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Power Corporation's claims, there will obviously be no longer in peak hour light
बिजली - फोटो : अमर उजाला
पीक आवर में ओवरलोडिंग पर भी नहीं कटेगी बिजली
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पावर कॉर्पोरेशन का दावा, 20 लाख आबादी को रोस्टिंग से मिलेगी निजात
त्र2 करोड़ की लागत से लगेगा 40 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर
राजेश तिवारी
गोंडा। पीक आवर में शहरी व ग्रामीण इलाकों को एक साथ बिजली दे पाने में नाकाम पावर कॉर्पोरेशन जल्द ही जिले में 2 करोड़ रुपये की लागत वाला 40 एमवीए का एक तीसरा ट्रांसफार्मर 220 केवी बिजलीघर में लगाने जा रहा है। पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों का दावा है कि इस ट्रांसफार्मर के लगने के बाद वह शहरी व ग्रामीण इलाकों को एक साथ एक ही समय पर बिजली की आपूर्ति बिना किसी ओवरलोडिंग के कर सकेंगे। अगर ऐसा हुआ तो जिले के ग्रामीण इलाकों में रह रही करीब 20 लाख आबादी के लिए यह काफी राहत वाली खबर होगी। क्योंकि इसके बाद पीक आवर में जिस रोस्टिंग का सामना उन्हें बीते कई सालों से करना पड़ रहा है। उससे उन्हें निजात मिल जाएगी।

क्या है पीक आवर
सुबह और शाम का ऐसा समय, जिस समय लोगों को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसे पावर कारपोरेशन की भाषा में पीक आवर कहा जाता है। इस पीक आवर में लोग बिजली का इस्तेमाल अपने निजी व घरेलू काम निपटाने के लिए करते हैं।
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इस समय बिजली के ज्यादातर ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से कई गुना ज्यादा बिजली का लोड चल रहा होता है। ऐसे में करोड़ों रुपये कीमती पावर ट्रांसफार्मरों को फुंकने से बचाने के लिए इनसेट के अधिकारी जब-तब कभी ग्रामीण इलाकों में रोस्टिंग कर देते हैं तो कभी शहरी क्षेत्र में। लेकिन ज्यादातर रोस्टिंग ग्रामीण क्षेत्र में हो होती है।
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कंट्रोल रूम की क्षमता 80 से बढ़कर होगी 120
मौजूदा समय जेल रोड पर स्थित 220 केवी बिजली कंट्रोलरूम की कुल क्षमता 80 एमवीए (मिलियन इलेक्ट्रान वोल्ट) है। जबकि बिजली की खपत इससे कहीं ज्यादा है। वहीं मनकापुर में बिजली की खपत से कहीं ज्यादा उपलब्धता है। जिसके अंतर को कुछ हद तक कम करने के लिए पावर इनसेट 220 केवी कंट्रोलरूम की क्षमता 80 मेगावाट से बढ़ाकर 120 मेगावाट करने जा रहा है। जिसका काम बिजलीघर पर चालू भी हो गया है। 

करनैलगंज का 40 एमवीए लोड होगा कम
अगले तीन से चार महीनों के भीतर करनैलगंज में बन रहा 132 केवी क्षमता का नया बिजलीघर भी बनकर तैयार हो जाएगा। जिसके बाद करनैलगंज में खप रही 40 एमवीए बिजली का लोड भी 220 केवी कंट्रोलरूम से घट जाएगा।

जबकि 6 महीने बाद जैसे ही नवाबगंज का 132 केवी बिजलीघर बनकर तैयार होता है, वहां के भी 4 बिजलीघरों का करीब 30 एमवीए लोड अपने आप ही कम हो जाएगा और लोगों को अगले कई वर्षों तक बिजली की ओवरलोडिंग जैसी समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।

जेल रोड पर बने 220 केवी बिजलीघर की क्षमता में 40 एमवीए इजाफे के लिए यहां एक और 40 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। जिसका काम चालू है और अगले महीने तक इसके पूरे होने की भी उम्मीद है। जैसे ही यह ट्रांसफार्मर चालू होता है,

























शहरी व देहात इलाकों की बिजली वह साथ चला पाने में सक्षम हो जाएंगे और किसी भी बिजलीघर की रोस्टिंग उन्हें ओवरलोडिंग को लेकर नहीं करनी पड़ेगी। जबकि करनैलगंज व नवाबगंज के 132 केवी बिजलीघ रों के चालूप्त होते ही इस सबस्टेशन का लोड घटकर 70 से 80 एमवीए ही रह जाएगा। जबकि उपलब्धता 120 एमवीए की ही बनी रहेगी। -सीपी पांडेय, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन डिवीजन
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