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किसानों के आंदोलन को धारदेने पहुँचा सपाइयों का प्रतिनिधि मंडल
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03द्दस्रड्डश्च10-गोंडा के सालपुर धौताल में किसान आंदोलन में समर्थन देते पूर्व मंत्री।
- फोटो : GONDA
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बालपुर (गोंडा)। सरयू नहर खोदाई के विरोध में किसानों के आंदोलन में मंगलवार को सपा नेताओं ने भी प्रदर्शन को धार दी। सपा के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह की अगुवाई में सपा नेता किसानों के धरना स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसका खामियाजा भाजपा सरकार को भुगतना पड़ेगा। विधान परिषद सदस्य महफूज खां ने सरकार व सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि धानी, धनखर, परसा गोड़री के किसानों के साथ जबरदस्ती करके नहर की खोदाई की गई तो किसान चुप नहीं बैठेगा। नए बाजारू रेट से सरकार मुआवजा नहीं देती तो किसान जान दे देंगे। खोदाई नहीं करने दिया जाएगा।
धानी, धनखर, ठकुरापुर तथा परसा गोड़री के किसानों की भूमि सरजू नहर खंड प्रथम की खोदाई करने के लिए बिना किसानों को नोटिस दिए सिंचाई विभाग ने फर्जी तरीके से भूमि अधिग्रहण कर लिया। परसा गोड़री में तो जमीन का अधिग्रहण जिनके नाम पर किया उनकी मौत 2005 में हो चुकी थी। खोदाई की योजना सिंचाई विभाग बनाने लगा तो किसानों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। कहा है कि इस समय के बाजार मूल्य के हिसाब ने मुआवजा मिलना चाहिए। इसी मांग पर किसान परसा गोड़री में 9 माह से धरना दे रहे हैं। धानी धनखर व ठकुरापुर में किसानों का आंदोलन शुरू हो गया है।
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जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने न्यायालय में अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2018-19 व 2019-20 में सिंचाई विभाग ने जो जमीन अधिग्रहण किया है भूमि सरजू नहर खंड प्रथम ने वर्तमान बाजार मूल्य पर क्रय किया है। आक्रोशित होकर किसान वर्तमान बाजार मूल्य की मांग कर रहे हैं। यह समस्या सरजू नहर के नये कराए गए बैनामे से हुई है। यदि 2010 में घोषित अभिनिर्णय के अनुसार नहर की खोदाई की जाती है तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। धानी धनखर ठकुरापुर तथा परसा गोड़री किसानों ने रेवेन्यू विभाग में जमा डिपॉजिट मद का पैसा भी नहीं लिया है।
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पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसका खामियाजा भाजपा सरकार को भुगतना पड़ेगा। विधान परिषद सदस्य महफूज खां ने सरकार व सिंचाई विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि धानी, धनखर, परसा गोड़री के किसानों के साथ जबरदस्ती करके नहर की खोदाई की गई तो किसान चुप नहीं बैठेगा। नए बाजारू रेट से सरकार मुआवजा नहीं देती तो किसान जान दे देंगे। खोदाई नहीं करने दिया जाएगा।
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धानी, धनखर, ठकुरापुर तथा परसा गोड़री के किसानों की भूमि सरजू नहर खंड प्रथम की खोदाई करने के लिए बिना किसानों को नोटिस दिए सिंचाई विभाग ने फर्जी तरीके से भूमि अधिग्रहण कर लिया। परसा गोड़री में तो जमीन का अधिग्रहण जिनके नाम पर किया उनकी मौत 2005 में हो चुकी थी। खोदाई की योजना सिंचाई विभाग बनाने लगा तो किसानों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। कहा है कि इस समय के बाजार मूल्य के हिसाब ने मुआवजा मिलना चाहिए। इसी मांग पर किसान परसा गोड़री में 9 माह से धरना दे रहे हैं। धानी धनखर व ठकुरापुर में किसानों का आंदोलन शुरू हो गया है।
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जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने न्यायालय में अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2018-19 व 2019-20 में सिंचाई विभाग ने जो जमीन अधिग्रहण किया है भूमि सरजू नहर खंड प्रथम ने वर्तमान बाजार मूल्य पर क्रय किया है। आक्रोशित होकर किसान वर्तमान बाजार मूल्य की मांग कर रहे हैं। यह समस्या सरजू नहर के नये कराए गए बैनामे से हुई है। यदि 2010 में घोषित अभिनिर्णय के अनुसार नहर की खोदाई की जाती है तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। धानी धनखर ठकुरापुर तथा परसा गोड़री किसानों ने रेवेन्यू विभाग में जमा डिपॉजिट मद का पैसा भी नहीं लिया है।