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फॉरेंसिक लैब तैयार, जांच को मिलेगी रफ्तार
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फोटो-13-गोंडा के पुलिस लाइन में स्थापित फॉरेंसिक लैब। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। पुलिस लाइन में 23.51 करोड़ रुपये की लागत से फॉरेंसिक लैब बनकर तैयार हो गई। विवेचना के दौरान अब जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तीन दिन पूर्व ही लैब में जांच का काम भी शुरू हो गया है। फॉरेंसिक जांच के अभाव में जिन मुकदमों की विवेचनाएं लंबित रहती थी। अब उनकी रफ्तार बढ़ जाएगी। विवेचकों को भी सहूलियत मिलेगी। हालांकि अभी विसरा जांच की सुविधा न होने से उसे लखनऊ भेजा जाएगा।
गृह विभाग ने वर्ष 2017 में देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर 23.51 करोड़ रुपये की लागत से फॉरेंसिंक लैब बनाने की स्वीकृति दी थी। फॉरेंसिक लैब बनाने का काम कार्यदायी संस्था निर्माण निगम को मिला था। संस्था की ओर से भवन हैंडओवर करने के बाद तीन दिन पूर्व ही यहां पर फॉरेंसिक लैब में जांच का काम शुरू हो गया है। अभी तक जांच के लिए लखनऊ व गोरखपुर के फॉरेंसिक लैब जाना पड़ता था। मगर अब यहां के लैब में जांच की सुविधा होने से जहां लोगों को सहूलियत मिलेगी। जांच रिपोर्ट के अभाव में लंबित विवेचनाओं में तेजी आएगी। (संवाद)
तीन माह में शुरू हो जाएगी विसरा जांच
फॉरेंसिक लैब में अभी विसरा जांच की सुविधा मुहैय्या नहीं हो सकी है। यह सुविधा न होने से सबसे अधिक समस्या तब आती है, जब किसी वारदात में व साधारण मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व किया जाता है। जांच के लिए विसरा लखनऊ के फॉरेंसिक लैब में भेजना पड़ता है। आने वाले तीन माह में यहां के फॉरेंसिक लैब में भी विसरा जांच की सुविधा मुहैय्या करा दी जाएगी।
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ये होगी जांच
खून-आलूद की जांच
विस्फोट डैमेज
आग के कारणों की जांच
चोरी डकैती में हुए तोड़फोड़ की जांच
इसके अलावा कई प्रकार की जांच की सुविधा मुहैय्या है।
ये हैं शाखाएं
भौतिक विज्ञान
रसायन विज्ञान
जीव विज्ञान
सीरम विज्ञान
विवेचनाओं में आएगी तेजी
पुलिस लाइन में 23.51 करोड़ रुपये की लागत से फॉरेंसिक लैब बनकर तैयार हो गया है। यहां फॉरेंसिक जांच भी शुरू हो गई है। सिर्फ विसरा जांच की अभी सुविधा मुहैय्या नहीं हो पाई है। आने वाले तीन माह में विसरा जांच भी शुरू हो जाएगी। फॉरेंसिक जांच की सुविधा मिलने से लंबित विवेचनाओं मेेें तेजी आएगी। शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक
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गृह विभाग ने वर्ष 2017 में देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर 23.51 करोड़ रुपये की लागत से फॉरेंसिंक लैब बनाने की स्वीकृति दी थी। फॉरेंसिक लैब बनाने का काम कार्यदायी संस्था निर्माण निगम को मिला था। संस्था की ओर से भवन हैंडओवर करने के बाद तीन दिन पूर्व ही यहां पर फॉरेंसिक लैब में जांच का काम शुरू हो गया है। अभी तक जांच के लिए लखनऊ व गोरखपुर के फॉरेंसिक लैब जाना पड़ता था। मगर अब यहां के लैब में जांच की सुविधा होने से जहां लोगों को सहूलियत मिलेगी। जांच रिपोर्ट के अभाव में लंबित विवेचनाओं में तेजी आएगी। (संवाद)
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तीन माह में शुरू हो जाएगी विसरा जांच
फॉरेंसिक लैब में अभी विसरा जांच की सुविधा मुहैय्या नहीं हो सकी है। यह सुविधा न होने से सबसे अधिक समस्या तब आती है, जब किसी वारदात में व साधारण मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व किया जाता है। जांच के लिए विसरा लखनऊ के फॉरेंसिक लैब में भेजना पड़ता है। आने वाले तीन माह में यहां के फॉरेंसिक लैब में भी विसरा जांच की सुविधा मुहैय्या करा दी जाएगी।
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ये होगी जांच
खून-आलूद की जांच
विस्फोट डैमेज
आग के कारणों की जांच
चोरी डकैती में हुए तोड़फोड़ की जांच
इसके अलावा कई प्रकार की जांच की सुविधा मुहैय्या है।
ये हैं शाखाएं
भौतिक विज्ञान
रसायन विज्ञान
जीव विज्ञान
सीरम विज्ञान
विवेचनाओं में आएगी तेजी
पुलिस लाइन में 23.51 करोड़ रुपये की लागत से फॉरेंसिक लैब बनकर तैयार हो गया है। यहां फॉरेंसिक जांच भी शुरू हो गई है। सिर्फ विसरा जांच की अभी सुविधा मुहैय्या नहीं हो पाई है। आने वाले तीन माह में विसरा जांच भी शुरू हो जाएगी। फॉरेंसिक जांच की सुविधा मिलने से लंबित विवेचनाओं मेेें तेजी आएगी। शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक