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Gonda News: साइबर अपराधियों को सिमकार्ड बेचने वाला गिरफ्तार
Sun, 11 Oct 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 11 Oct 2026 11:22 PM IST
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गोंडा। देहात कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी केवाईसी और कूटरचित आधार कार्ड के जरिये सिम सक्रिय कर साइबर अपराधियों को बेचने के आरोपी अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं, खरगूपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल म्यूल बैंक खाते के मामले में वांछित दिवाकर शुक्ल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एयरटेल के दो सिमकार्ड और फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है।
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के ठठिया मठिया निवासी अजय कुमार सिंह सिम का अधिकृत विक्रेता था। वह सिम खरीदने या पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों से सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर एक से अधिक बार फेस केवाईसी कराता था। इसके बाद ग्राहक को एक सिम देने के साथ दोबारा कराई गई केवाईसी का दुरुपयोग कर दूसरा सिम भी सक्रिय कर लेता था। जांच में फोटो एडिट कर फर्जी आधार कार्ड तैयार करने और दूसरे ग्राहकों की फेस आईडी का दुरुपयोग करने की बात भी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि आरोपी इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। इसके बदले उसे साइबर ठगी की रकम का 25 प्रतिशत कमीशन नकद या कोरिअर से मिलता था। उसके द्वारा जारी सिम कार्डों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। इस मामले में देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिवाकर को सेवरहा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय भेज दिया है। वहीं, अजय कुमार सिंह के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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इनसेट
म्यूल खाते से दो लोगों को 5.04 लाख की चपत
खरगूपुर क्षेत्र के सेवरही सेवरहा निवासी दिवाकर शुक्ल के केनरा बैंक के खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध की दो शिकायतें दर्ज मिली थीं। जांच में बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेनदेन के लिए म्यूल खाते के रूप में किए जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों शिकायतकर्ताओं को कुल करीब 5.04 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी।
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सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के ठठिया मठिया निवासी अजय कुमार सिंह सिम का अधिकृत विक्रेता था। वह सिम खरीदने या पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों से सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर एक से अधिक बार फेस केवाईसी कराता था। इसके बाद ग्राहक को एक सिम देने के साथ दोबारा कराई गई केवाईसी का दुरुपयोग कर दूसरा सिम भी सक्रिय कर लेता था। जांच में फोटो एडिट कर फर्जी आधार कार्ड तैयार करने और दूसरे ग्राहकों की फेस आईडी का दुरुपयोग करने की बात भी सामने आई है।
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उन्होंने बताया कि आरोपी इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। इसके बदले उसे साइबर ठगी की रकम का 25 प्रतिशत कमीशन नकद या कोरिअर से मिलता था। उसके द्वारा जारी सिम कार्डों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। इस मामले में देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिवाकर को सेवरहा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय भेज दिया है। वहीं, अजय कुमार सिंह के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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म्यूल खाते से दो लोगों को 5.04 लाख की चपत
खरगूपुर क्षेत्र के सेवरही सेवरहा निवासी दिवाकर शुक्ल के केनरा बैंक के खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध की दो शिकायतें दर्ज मिली थीं। जांच में बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेनदेन के लिए म्यूल खाते के रूप में किए जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों शिकायतकर्ताओं को कुल करीब 5.04 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी।