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भरत मिलाप की झांकी देखकर भावुक हुए शहर के लोग
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गोंडा के भरत मिलाप चौराहे पर भरत मिलाप का अभिनय करते कलाकार।
- फोटो : GONDA
गोंडा। नगर के श्रीभरत मिलाप चौराहे पर दैहिक दूरी संग मध्यरात्रि हुये परंपरागत श्री राम भरत मिलाप की झांकी देख हर किसी की आंखे नम हो गईं। भावुक ह्दय से भक्तों ने झांकी पर पुष्पवर्षा किया। रामचन्द्र, भरत लाल, लखनलाल और शत्रुघ्न समेत चारों भाइयों का आलौकिक प्रेम, करुणा और सम्मान देखते ही बन रहा था। भगवान श्री राम, जानकी, लक्ष्मण और महाबली हनुमान की सवारी पहुचते ही कार्यक्रम स्थल पर जय श्रीराम, अयोध्या नरेश की जय, जय सियाराम और बजरंग बली के जयकारे से चौक गूंज उठा।
श्री भरत मिलाप कमेटी के अध्यक्ष रजत सोनी ने बताया कि सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम ने लंकेश रावण का मर्दन करने के बाद मोहल्ला राजा स्थित शिव मंदिर पहुंचकर पूजन किया। श्री राम आदि शक्ति मां दुर्गे फुलवारी सम्मय माता मंदिर में विराजमान हो गये। यहां श्री राम, जानकी, लखनलाल व वीर हनुमान को अपने मध्य पाकर महिला, पुरुष और बच्चे जुटे रहे और गदगद दिखे। मंदिर से रामचन्द्र अंकुर गर्ग की कुटिया में पहुंचे, अंकुर ने भावपूर्ण नम नयनों से उनके पग धोये और पत्नी शालू गर्ग, गुनगुन, पूर्वी, मयंक समेत आरती उतारकर उन्हें कढ़ी, चावल, सब्जी, खीर, पूड़ी और राजस्थानी व्यंजन बाटे व चूर्मे का शुद्ध भोजन परोसा। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, नगर कोतवाल आलोक राव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक बृजानंद सिंह, महाराजगंज चौकी प्रभारी गोपाल सिंह, गौतम जायसवाल ने भी आरती उतारी।
भगवान राम की सवारी भारी सुरक्षा बल के घेरे में श्री भरतमिलाप चौराहा पहुंची। प्रभु के पहुंचने का समाचार हनुमान जी ने रथ से छलांग लगाकर उस पार मौजूद श्री भरतलाल को दिया। अपने इष्टदेव रूपी ज्येष्ठ भ्राता के लंका पर विजय के बाद अपने बीच आने का समाचार सुनते ही भरत व शत्रुघ्न स्वयं को रोक नहीं सके और गुरु वशिष्ठ संग पेट पलनिया दंडवत चलकर प्रभु राम के गले लग गये। चौदह वर्षों के वनवास के बाद हुये दोनों भाइयों के मिलाप को देख श्रद्धालुओं के अश्रु छलक पड़े। कार्यक्रम के आयोजन समिति श्री भरत मिलाप कमेटी के संस्थापक गोपाल मोदनवाल, संतोष सोनी, महामंत्री शिवकुमार गुप्ता, शिव कुमार सोनी आदि ने चारों भाइयों की दिव्य आरती उतारकर भोग लगाया। कार्यक्रम में प्रसाद वितरण रवि मोदनवाल की युवा टीम ने किया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार अंकुर गर्ग ने किया।
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श्री भरत मिलाप कमेटी के अध्यक्ष रजत सोनी ने बताया कि सर्वप्रथम प्रभु श्रीराम ने लंकेश रावण का मर्दन करने के बाद मोहल्ला राजा स्थित शिव मंदिर पहुंचकर पूजन किया। श्री राम आदि शक्ति मां दुर्गे फुलवारी सम्मय माता मंदिर में विराजमान हो गये। यहां श्री राम, जानकी, लखनलाल व वीर हनुमान को अपने मध्य पाकर महिला, पुरुष और बच्चे जुटे रहे और गदगद दिखे। मंदिर से रामचन्द्र अंकुर गर्ग की कुटिया में पहुंचे, अंकुर ने भावपूर्ण नम नयनों से उनके पग धोये और पत्नी शालू गर्ग, गुनगुन, पूर्वी, मयंक समेत आरती उतारकर उन्हें कढ़ी, चावल, सब्जी, खीर, पूड़ी और राजस्थानी व्यंजन बाटे व चूर्मे का शुद्ध भोजन परोसा। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, नगर कोतवाल आलोक राव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक बृजानंद सिंह, महाराजगंज चौकी प्रभारी गोपाल सिंह, गौतम जायसवाल ने भी आरती उतारी।
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भगवान राम की सवारी भारी सुरक्षा बल के घेरे में श्री भरतमिलाप चौराहा पहुंची। प्रभु के पहुंचने का समाचार हनुमान जी ने रथ से छलांग लगाकर उस पार मौजूद श्री भरतलाल को दिया। अपने इष्टदेव रूपी ज्येष्ठ भ्राता के लंका पर विजय के बाद अपने बीच आने का समाचार सुनते ही भरत व शत्रुघ्न स्वयं को रोक नहीं सके और गुरु वशिष्ठ संग पेट पलनिया दंडवत चलकर प्रभु राम के गले लग गये। चौदह वर्षों के वनवास के बाद हुये दोनों भाइयों के मिलाप को देख श्रद्धालुओं के अश्रु छलक पड़े। कार्यक्रम के आयोजन समिति श्री भरत मिलाप कमेटी के संस्थापक गोपाल मोदनवाल, संतोष सोनी, महामंत्री शिवकुमार गुप्ता, शिव कुमार सोनी आदि ने चारों भाइयों की दिव्य आरती उतारकर भोग लगाया। कार्यक्रम में प्रसाद वितरण रवि मोदनवाल की युवा टीम ने किया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार अंकुर गर्ग ने किया।
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