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बर्फी में मिला कंकड़
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:01 PM IST
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मिठाई
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पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने शनिवार को जिला विद्युत समिति की बैठक में आने वाले माननीयों के लिए काजू की बर्फी मंगवाई थी। लेकिन उस बर्फी का जैसे ही एक पीस सांसद ने खाया कि उसमें कंकड़ निकल आया। इस पर उन्होंने वह कंकड़ डीएम को दिखाते हुए जिले में बिक रही खाद्य सामग्री में मिलावट का मुद्दा उठाया। जिस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच खाद्य विभाग को सौंपी है।
पावर कॉरपोरेशन के एमडी कैंप कार्यालय पर जिला विद्युत समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में बतौर समिति के अध्यक्ष कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, संयोजक जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन व पुलिस कप्तान सुधीर सिंह हिस्सा लेने पहुंचे थे।
नकी आवभगत के लिए पावर कॉरपोरेशन ने शहर की एक प्रतिष्ठित दुकान अन्नपूर्णा स्वीट्स सिविल लाइन से 800 रुपये प्रति किलो की दर से काजू की बर्फी मंगाई थी। जिसे बैठक के दौरान सभी लोगों के सामने पेश किया गया। लेकिन इस बर्फी का जैसे ही एक पीस सांसद ने खाया कि उसमें कंकड़ निकल आया। इस पर उन्होंने खाद्य विभाग की नाकामी उजागर करते हुए डीएम को वह पत्थर दिखाया, जो बर्फी से निकला था।
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सांसद ने पहले तो पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से पूछा कि बर्फी किस दुकान से मंगाई गई थी। जिसमें पता चलने पर कि जिले में मिठाई की एक ही दुकान ऐसी है जो काफी चर्चित है। जहां से 800 रुपये प्रति किलो के रेट से बर्फी मंगाई गई थी। इस पर सांसद ने डीएम के सामने कहा कि जब एक बड़ी दुकान का हाल ऐसा है तो फिर बाकी दुकानों में किस कदर मिलावट होती होगी। यह तो वही जानें। डीएम ने मामले में खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
सांसद कैसरगंज की बर्फी में कंकड़ निकलने और इसकी शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद शनिवार की शाम खाद्य विभाग की टीम अन्नपूर्णा स्वीट्स पहुंची। जहां से टीम ने मिठाई की दुकान से नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजा है।
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पावर कॉरपोरेशन के एमडी कैंप कार्यालय पर जिला विद्युत समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में बतौर समिति के अध्यक्ष कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, संयोजक जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन व पुलिस कप्तान सुधीर सिंह हिस्सा लेने पहुंचे थे।
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नकी आवभगत के लिए पावर कॉरपोरेशन ने शहर की एक प्रतिष्ठित दुकान अन्नपूर्णा स्वीट्स सिविल लाइन से 800 रुपये प्रति किलो की दर से काजू की बर्फी मंगाई थी। जिसे बैठक के दौरान सभी लोगों के सामने पेश किया गया। लेकिन इस बर्फी का जैसे ही एक पीस सांसद ने खाया कि उसमें कंकड़ निकल आया। इस पर उन्होंने खाद्य विभाग की नाकामी उजागर करते हुए डीएम को वह पत्थर दिखाया, जो बर्फी से निकला था।
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सांसद ने पहले तो पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से पूछा कि बर्फी किस दुकान से मंगाई गई थी। जिसमें पता चलने पर कि जिले में मिठाई की एक ही दुकान ऐसी है जो काफी चर्चित है। जहां से 800 रुपये प्रति किलो के रेट से बर्फी मंगाई गई थी। इस पर सांसद ने डीएम के सामने कहा कि जब एक बड़ी दुकान का हाल ऐसा है तो फिर बाकी दुकानों में किस कदर मिलावट होती होगी। यह तो वही जानें। डीएम ने मामले में खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
सांसद कैसरगंज की बर्फी में कंकड़ निकलने और इसकी शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद शनिवार की शाम खाद्य विभाग की टीम अन्नपूर्णा स्वीट्स पहुंची। जहां से टीम ने मिठाई की दुकान से नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजा है।