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Gonda News: जेएसवाई में 4,738 प्रसूताओं का भुगतान लंबित
Tue, 06 Oct 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:28 PM IST
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अब भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। 28 सितंबर तक जिले में 19,341 प्रसव हुए लेकिन 14,603 प्रसूताओं को ही भुगतान मिला। 4,738 प्रसूताएं अभी प्रोत्साहन राशि से वंचित हैं।
सबसे अधिक प्रसव जिला महिला अस्पताल में हुए। यहां 5,583 प्रसव के सापेक्ष 3,674 प्रसूताओं को भुगतान मिला। भुगतान प्रतिशत 65.81 रहा। तरबगंज में 513 प्रसव में से 331 को राशि मिली। यहां भुगतान प्रतिशत 64.52 रहा, जो जिले में सबसे कम है।
वजीरगंज में 588 प्रसव के सापेक्ष 519 प्रसूताओं को भुगतान मिला। यहां 88.27 प्रतिशत भुगतान के साथ स्थिति सबसे बेहतर रही। पंडरीकृपाल में 263 में से 227, बभनजोत में 957 में से 823, परसपुर में 878 में से 752 और इटियाथोक में 696 में से 590 प्रसूताओं को राशि मिली। छपिया में 723 में से 602, करनैलगंज में 1,603 में से 1,322, कटरा बाजार में 1,051 में से 859 और बेलसर में 903 में से 728 प्रसूताओं को भुगतान हुआ।
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रुपईडीह में 1,285 में से 1,007, झंझरी में 462 में से 354, हलधरमऊ में 776 में से 594, मुजेहना में 1,178 में से 893, मनकापुर में 773 में से 547 और नवाबगंज में 1,109 में से 781 प्रसूताओं को राशि मिली। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि पोर्टल बंद रहने से भुगतान प्रभावित हुआ है। बजट की भी कमी है।
निजी वार्ड के मामले भी अटके
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि महिला अस्पताल में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें प्रसूताओं ने निजी वार्ड लिया था। इसके बावजूद जेएसवाई के लिए आवेदन किया है। निजी वार्ड में रहने वाली प्रसूताओं को इस योजना का लाभ अनुमन्य नहीं है। उन्होंने बताया कि पोर्टल के समय से न चलने से भी भुगतान प्रभावित हुआ है।
दो माह से इंतजार
महिला अस्पताल में आईं सुनीता ने बताया कि प्रसव को दो माह हो चुके हैं लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। रंजना और रागिनी ने भी भुगतान नहीं मिलने की बात कही। प्रसव के बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए प्रसव इकाई पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
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सबसे अधिक प्रसव जिला महिला अस्पताल में हुए। यहां 5,583 प्रसव के सापेक्ष 3,674 प्रसूताओं को भुगतान मिला। भुगतान प्रतिशत 65.81 रहा। तरबगंज में 513 प्रसव में से 331 को राशि मिली। यहां भुगतान प्रतिशत 64.52 रहा, जो जिले में सबसे कम है।
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वजीरगंज में 588 प्रसव के सापेक्ष 519 प्रसूताओं को भुगतान मिला। यहां 88.27 प्रतिशत भुगतान के साथ स्थिति सबसे बेहतर रही। पंडरीकृपाल में 263 में से 227, बभनजोत में 957 में से 823, परसपुर में 878 में से 752 और इटियाथोक में 696 में से 590 प्रसूताओं को राशि मिली। छपिया में 723 में से 602, करनैलगंज में 1,603 में से 1,322, कटरा बाजार में 1,051 में से 859 और बेलसर में 903 में से 728 प्रसूताओं को भुगतान हुआ।
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रुपईडीह में 1,285 में से 1,007, झंझरी में 462 में से 354, हलधरमऊ में 776 में से 594, मुजेहना में 1,178 में से 893, मनकापुर में 773 में से 547 और नवाबगंज में 1,109 में से 781 प्रसूताओं को राशि मिली। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि पोर्टल बंद रहने से भुगतान प्रभावित हुआ है। बजट की भी कमी है।
निजी वार्ड के मामले भी अटके
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि महिला अस्पताल में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें प्रसूताओं ने निजी वार्ड लिया था। इसके बावजूद जेएसवाई के लिए आवेदन किया है। निजी वार्ड में रहने वाली प्रसूताओं को इस योजना का लाभ अनुमन्य नहीं है। उन्होंने बताया कि पोर्टल के समय से न चलने से भी भुगतान प्रभावित हुआ है।
दो माह से इंतजार
महिला अस्पताल में आईं सुनीता ने बताया कि प्रसव को दो माह हो चुके हैं लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। रंजना और रागिनी ने भी भुगतान नहीं मिलने की बात कही। प्रसव के बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए प्रसव इकाई पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।