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Gonda News: जिला अस्पताल में ठिठुर रहे मरीज
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गोंडा। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को ठंड से बचाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। भर्ती मरीजों को कंबल तक नहीं मिल पाता है। जिससे अधिकांश मरीज घर से कंबल लाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि कंबल मांगने पर बताया गया कि सिर्फ नए मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था है, पुराने मरीजों को घर से लाना पड़ेगा।
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में 60 बेड पर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। सर्दी में मरीजों की संख्या बढ़ने से सभी बेड फुल हो गए हैं। मगर सभी मरीजों को ठंड से बचाव के लिए कंबल नहीं दिया जाता है।
मेडिकल वार्ड में भर्ती इटियाथोक के मध्यनगर निवासी शेषराज सिंह के तीमारदार ने बताया कि तीन दिन पहले भर्ती हुए थे, लेकिन कंबल नहीं मिला। आज स्टाफ से कंबल मांगने पर बताया गया कि नए मरीजों को ही कंबल मिलता है। आप तीन दिन पहले भर्ती हुए हो। उन्होंने बताया कि घर से कंबल लाकर ठंड से बचाव किया जा रहा है।
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वहीं, परसपुर निवासी लल्लन सिंह को भी कंबल न मिलने पर घर से लाना पड़ा। उनके तीमारदार का आरोप है कि कंबल उन्हीं मरीजों को दिया जाता है, जो स्टाफ को पैसे देता है।
ठंड बढ़ने से सांस के मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। दो दिन में जिला अस्पताल में भर्ती सांस के दो मरीजों की मौत हो गई। कोतवाली देहात के उदईपुरवा निवासी केदारनाथ मिश्र (87) को सांस फूलने की दिक्कत होने पर एक नवंबर को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। जिनकी शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, शहर के सुभाष नगर निवासी कमाल अहमद (45) को सांस की बीमारी के कारण भर्ती कराया गया था, जिनकी सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीडी गुप्ता का कहना है कि जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था है। यदि किसी मरीज को कंबल नहीं दिया गया, तो जांच कराकर संबधित स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में 60 बेड पर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। सर्दी में मरीजों की संख्या बढ़ने से सभी बेड फुल हो गए हैं। मगर सभी मरीजों को ठंड से बचाव के लिए कंबल नहीं दिया जाता है।
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मेडिकल वार्ड में भर्ती इटियाथोक के मध्यनगर निवासी शेषराज सिंह के तीमारदार ने बताया कि तीन दिन पहले भर्ती हुए थे, लेकिन कंबल नहीं मिला। आज स्टाफ से कंबल मांगने पर बताया गया कि नए मरीजों को ही कंबल मिलता है। आप तीन दिन पहले भर्ती हुए हो। उन्होंने बताया कि घर से कंबल लाकर ठंड से बचाव किया जा रहा है।
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वहीं, परसपुर निवासी लल्लन सिंह को भी कंबल न मिलने पर घर से लाना पड़ा। उनके तीमारदार का आरोप है कि कंबल उन्हीं मरीजों को दिया जाता है, जो स्टाफ को पैसे देता है।
ठंड बढ़ने से सांस के मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। दो दिन में जिला अस्पताल में भर्ती सांस के दो मरीजों की मौत हो गई। कोतवाली देहात के उदईपुरवा निवासी केदारनाथ मिश्र (87) को सांस फूलने की दिक्कत होने पर एक नवंबर को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। जिनकी शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, शहर के सुभाष नगर निवासी कमाल अहमद (45) को सांस की बीमारी के कारण भर्ती कराया गया था, जिनकी सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीडी गुप्ता का कहना है कि जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था है। यदि किसी मरीज को कंबल नहीं दिया गया, तो जांच कराकर संबधित स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।