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पसका संगम मेले का मुख्य स्नान पर्व आज
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2016 10:17 PM IST
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पौराणिक मान्यताओं को सहेेजे पसका सूकरखेत में आदिकाल से लगने वाले संगम मेले की शुरूआत शनिवार से हो गई। तीन दिनों तक लगने वाले इस मेले का रविवार को मुख्य स्नान पर्व पड़ेगा। जिसमें जिले भर से करीब तीन लाख श्रद्धालु त्रिमुहानी घाट पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। घाट पर स्नान पर्व को लेकर वैसे तो सारी तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर मुकम्मल की जा चुकी हैं, लेकिन मेले की पौराणिकता के मद्देनजर यहां होने वाले इंतजाम अभी भी नाकाफी हैं।
सूकरखेत पसका में मुख्य स्नान पर्व रविवार को है। बावजूद इसके घाट पर अव्यवस्थाएं अभी भी बनी हुई हैं। मेला क्षेत्र में कहने को तो तमाम सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इसके बाद भी जगह-जगह गंदगी पसरी है।
पसका सूकरखेत की एक मान्यता यह भी है कि यह वही स्थान है जहां भगवान वाराह ने अवतार लिया था। जबकि रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म भी इसी सूकरखेत में पड़ने वाले राजापुर गांव में हुआ था।
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पसका सूकरखेत में तीन दिनों तक लगने वाले इस मेले की शुरूआत शनिवार से हो चुकी है। जिसे लेकर दूरदराज से आए दुकानदारों की ओर से मेला स्थल में तमाम दुकानें भी सजाई जा चुकी हैं।
मेले को देखते हुए पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। वहीं तमाम तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अंगद जी महराज के पुत्र अंशुमान महराज प्रणवपुरी की ओर से रामकथा का आयोजन भी इस स्थल पर हो रहा है। जिसे सुनने के लिए शनिवार को दूरदराज से आए लोगों का मेला स्थल में जमावड़ा रहा।
वहीं मेला परिसर में व्रत कथा के साथ ही कन्या, ब्राह्मण भोज, भंडारे का कार्यक्रम भी चल रहा है।
पसका संगम मेले का मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा यानि रविवार को पड़ने के बाद बीते एक महीने से चल रहा कल्पवासियों का कल्पवास भी रविवार को खत्म हो जाएगा।
एक महीने से यह कल्पवासी पसका में त्रिमुहानी घाट के किनारे घास-फूस की कुटिया बनाकर यहां कल्पवास कर रहे हैं, जो कि रविवार को मुख्य स्नान पर्व के बाद खत्म हो जाएगा।
सनातन धर्म परिषद् एवं सूकरखेत विकास समिति की तरफ से पसका में 33वां राष्ट्रीय रामायण मेला एवं सूकरखेत महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया।
समिति के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने बताया कि 23 व 24 जनवरी को रामचरित मानस पाठ के साथ ही सीताराम नाम संकीर्तन व भजन का आयोजन होगा। वहीं पसका विकास मंच वं पसका तीर्थ मेला समिति के तत्वाधान में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे है।
शनिवार से शुरू हुए पसका सूकरखेत मेले में इस बार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। एसओ परसपुर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि मेले में उनकी ओर से 5 दरोगा, 23 महिला व पुरुष सिपाही के साथ साथ ही डेढ़ प्लाटून पीएसीए, अग्निशमन दल को लगाया गया है।
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सूकरखेत पसका में मुख्य स्नान पर्व रविवार को है। बावजूद इसके घाट पर अव्यवस्थाएं अभी भी बनी हुई हैं। मेला क्षेत्र में कहने को तो तमाम सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इसके बाद भी जगह-जगह गंदगी पसरी है।
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पसका सूकरखेत की एक मान्यता यह भी है कि यह वही स्थान है जहां भगवान वाराह ने अवतार लिया था। जबकि रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म भी इसी सूकरखेत में पड़ने वाले राजापुर गांव में हुआ था।
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पसका सूकरखेत में तीन दिनों तक लगने वाले इस मेले की शुरूआत शनिवार से हो चुकी है। जिसे लेकर दूरदराज से आए दुकानदारों की ओर से मेला स्थल में तमाम दुकानें भी सजाई जा चुकी हैं।
मेले को देखते हुए पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। वहीं तमाम तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अंगद जी महराज के पुत्र अंशुमान महराज प्रणवपुरी की ओर से रामकथा का आयोजन भी इस स्थल पर हो रहा है। जिसे सुनने के लिए शनिवार को दूरदराज से आए लोगों का मेला स्थल में जमावड़ा रहा।
वहीं मेला परिसर में व्रत कथा के साथ ही कन्या, ब्राह्मण भोज, भंडारे का कार्यक्रम भी चल रहा है।
पसका संगम मेले का मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा यानि रविवार को पड़ने के बाद बीते एक महीने से चल रहा कल्पवासियों का कल्पवास भी रविवार को खत्म हो जाएगा।
एक महीने से यह कल्पवासी पसका में त्रिमुहानी घाट के किनारे घास-फूस की कुटिया बनाकर यहां कल्पवास कर रहे हैं, जो कि रविवार को मुख्य स्नान पर्व के बाद खत्म हो जाएगा।
सनातन धर्म परिषद् एवं सूकरखेत विकास समिति की तरफ से पसका में 33वां राष्ट्रीय रामायण मेला एवं सूकरखेत महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया।
समिति के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने बताया कि 23 व 24 जनवरी को रामचरित मानस पाठ के साथ ही सीताराम नाम संकीर्तन व भजन का आयोजन होगा। वहीं पसका विकास मंच वं पसका तीर्थ मेला समिति के तत्वाधान में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे है।
शनिवार से शुरू हुए पसका सूकरखेत मेले में इस बार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। एसओ परसपुर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि मेले में उनकी ओर से 5 दरोगा, 23 महिला व पुरुष सिपाही के साथ साथ ही डेढ़ प्लाटून पीएसीए, अग्निशमन दल को लगाया गया है।