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Gonda News: 5000 फीट की ऊंचाई से सरयू तट पर उतरीं पैराग्लाइडर शीतल
Sat, 24 Feb 2024 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:51 PM IST
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गोंडा। माउंट एवरेस्ट के तीन ध्रुवों पर स्काईडाइविंग करने वाली पद्मश्री शीतल महाजन राणे ने शुक्रवार शाम को भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के साथ जिले के मनकापुर राज दरबार से उड़ान भरी। पैराग्लाइडर के माध्यम से 22 मिनट में 27 किलोमीटर की दूरी तय की।
पैराग्लाइडर की पायलटिंग सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने की। शीतल उनके साथ बैठीं थी। उन्होंने बताया कि पांच हजार फीट की ऊंचाई से जंप करने के बाद 4 हजार फीट की ऊंचाई पर पैराशूट खोल दिया। जब एक हजार फीट पर पहुंची तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का झंडा लहराया। अयोध्या में सरयू नदी के तट पर उन्होंने उतरकर जय श्रीराम का जयघोष किया।
शीतल ने कहा कि यह जीवन का सबसे अच्छा जंप यह था जो सफलतापूर्वक पूरा हो गया। उनका सपना था कि प्रभु श्रीरामलला की जन्मभूमि पर पैराग्लाइडिंग करेंगी, जो आज पूरा हो गया है। इस साहसिक पल से मन अभिभूत है।
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स्काई डाइविंग के लिए शीतल महाजन 19 फरवरी को मनकापुर पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को स्काई डाइविंग करके जंप करने की योजना थी, लेकिन मौसम की खराबी से कामयाबी नहीं मिल पाई। श्रीराम के आशीर्वाद से शुक्रवार को अच्छा मौसम मिला तो इसमें सफलता मिली।
अयोध्या पहुंचने पर दस मिनट तक आसमान में रहे
सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि अयोध्या तक की 27 किमी की दूरी तय करने में उन्हें 22 मिनट का वक्त लगा। अयोध्या पहुंचने पर वह 10 मिनट तक आसमान में रहे। शीतल के जंप करने के कुछ ही मिनट बाद सांसद भी पैराग्लाइडर के साथ जमीन पर उतरे।
छह माह पहले मांगी थी स्काई डाइविंग की अनुमति
पद्मश्री शीतल महाजन ने कहा कि उन्होंने चार साल पहले श्रीराम जन्मभूमि पूजन के दौरान ही अयोध्या में स्काई डाइविंग का संकल्प लिया था। सपना था कि राम मंदिर बनने पर अयोध्या की धरती पर पांच हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग करेंगी। 22 जनवरी को स्काई डाइविंग करना चाहती थीं। 6 महीने पहले अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं मिल सकी।
तीन महीने पहले ही बना लिया था रामध्वज
शीतल ने कहा कि अयोध्या में कोई मूर्तिकार मूर्ति बना रहा है, कोई रंगोली बना रहा है। इसी तरह उन्होंने भी सोचा था कि वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का झंडा लेकर हवा से कूदकर लोगों का स्वागत करेंगी। इसके लिए सांसद के साथ योजना बनाई थी। स्काई डाइविंग के लिए तीन महीने पहले ही रामध्वज बनाकर रख लिया था।
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पैराग्लाइडर की पायलटिंग सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने की। शीतल उनके साथ बैठीं थी। उन्होंने बताया कि पांच हजार फीट की ऊंचाई से जंप करने के बाद 4 हजार फीट की ऊंचाई पर पैराशूट खोल दिया। जब एक हजार फीट पर पहुंची तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का झंडा लहराया। अयोध्या में सरयू नदी के तट पर उन्होंने उतरकर जय श्रीराम का जयघोष किया।
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शीतल ने कहा कि यह जीवन का सबसे अच्छा जंप यह था जो सफलतापूर्वक पूरा हो गया। उनका सपना था कि प्रभु श्रीरामलला की जन्मभूमि पर पैराग्लाइडिंग करेंगी, जो आज पूरा हो गया है। इस साहसिक पल से मन अभिभूत है।
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स्काई डाइविंग के लिए शीतल महाजन 19 फरवरी को मनकापुर पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को स्काई डाइविंग करके जंप करने की योजना थी, लेकिन मौसम की खराबी से कामयाबी नहीं मिल पाई। श्रीराम के आशीर्वाद से शुक्रवार को अच्छा मौसम मिला तो इसमें सफलता मिली।
अयोध्या पहुंचने पर दस मिनट तक आसमान में रहे
सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि अयोध्या तक की 27 किमी की दूरी तय करने में उन्हें 22 मिनट का वक्त लगा। अयोध्या पहुंचने पर वह 10 मिनट तक आसमान में रहे। शीतल के जंप करने के कुछ ही मिनट बाद सांसद भी पैराग्लाइडर के साथ जमीन पर उतरे।
छह माह पहले मांगी थी स्काई डाइविंग की अनुमति
पद्मश्री शीतल महाजन ने कहा कि उन्होंने चार साल पहले श्रीराम जन्मभूमि पूजन के दौरान ही अयोध्या में स्काई डाइविंग का संकल्प लिया था। सपना था कि राम मंदिर बनने पर अयोध्या की धरती पर पांच हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग करेंगी। 22 जनवरी को स्काई डाइविंग करना चाहती थीं। 6 महीने पहले अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं मिल सकी।
तीन महीने पहले ही बना लिया था रामध्वज
शीतल ने कहा कि अयोध्या में कोई मूर्तिकार मूर्ति बना रहा है, कोई रंगोली बना रहा है। इसी तरह उन्होंने भी सोचा था कि वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का झंडा लेकर हवा से कूदकर लोगों का स्वागत करेंगी। इसके लिए सांसद के साथ योजना बनाई थी। स्काई डाइविंग के लिए तीन महीने पहले ही रामध्वज बनाकर रख लिया था।