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Gonda News: ऑक्सीजन प्लांट बंद, 26 वेंटीलेटर खराब
Tue, 11 Apr 2023 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:02 PM IST
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कोविड एल-टू अस्पताल में संसाधनों का निरीक्षण करते स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी।
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गोंडा। कोरोना संक्रमण से बचाव की तैयारियां परखने के लिए मंगलवार को जिला अस्पताल के कोविड के एक एल-2 हॉस्पिटल और चार एल-1 हॉस्पिटलों में मॉकड्रिल किया गया। अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. एचडी अग्रवाल की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो बड़ी खामियां सामने आईं।
मॉकड्रिल में 200 बेड के एल-टू कोविड हॉस्पिटल के लिए बना 1500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बंद मिला। अस्पताल में लगे 30 वेंटीलेटर में से 26 खराब मिले। मरीजों की कोविड जांच के लिए आया रसायन 30 मार्च को ही एक्सपायर हो चुका था। इसके चलते कोविड अस्पताल व क्षेत्रीय निदान केंद्र में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच ठप है। मरीजों का सैंपल लेकर लखनऊ भेजा जा रहा है।
मॉकड्रिल के दौरान 120 बिंदुओं की चेकलिस्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। इसके साथ ही कोरोना काल के दौरान नियुक्त हुए स्वास्थ्यकर्मियों को एक माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इस दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीडी गुप्ता, कोविड अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपक कुमार, डॉ. अनिल वर्मा, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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मॉकड्रिल के दौरान कोविड अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ व दवाओं की स्थिति मुकम्मल मिली। अस्पताल में तीन एमबीबीएस डॉक्टर, एक एनेस्थीसिया चिकित्सक, एक रेडियालॉजिस्ट, 18 स्टाफ नर्स मुस्तैद मिलीं। इसके अलावा ओटी टेक्नीशियन, वेंटीलेटर टेक्नीशियन सहित अन्य पैरामेेडिकल स्टाफ भी उपस्थित रहा। कोरोना से निपटने के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध मिला।
कोविड एल-टू अस्पताल के अलावा चार सीएचसी में 30-30 बेड रिजर्व कर एल-वन प्लस कोविड अस्पताल बनाए गए हैं। मॉकड्रिल के दौरान सीएचसी छपिया में 25 वर्षीय युवक के कोरोना इलाज का पूर्वाभ्यास किया गया। एंबुलेंस से सीएचसी लाने के बाद पैरामेडिकल स्टाफ ने पांच मिनट के अंदर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर उसका इलाज शुरू किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, डॉ. संजय कुमार, फार्मासिस्ट चंद्रशेखर शुक्ल, स्टाफ नर्स बबिता आदि मौजूद रहे।
सीएचसी वजीरगंज में मॉकड्रिल के दौरान धनेश्वरपुर निवासी कोरोना पीड़ित को एंबुलेंस से लाया गया। डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत इलाज शुरू किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, अधीक्षक डॉ. आशुतोष शुक्ल, डॉ. उदय प्रताप सिंह, स्टाफ नर्स नीता, वार्ड ब्वाय अभिनव व सुनील आदि मौजूद रहे। इसके अलावा इटियाथोक सीएचसी पर डॉ. जयगोविंद व हलधरमऊ सीएचसी पर डॉ. संत प्रताप वर्मा की अगुवाई में मॉकड्रिल किया गया।
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मॉकड्रिल में 200 बेड के एल-टू कोविड हॉस्पिटल के लिए बना 1500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बंद मिला। अस्पताल में लगे 30 वेंटीलेटर में से 26 खराब मिले। मरीजों की कोविड जांच के लिए आया रसायन 30 मार्च को ही एक्सपायर हो चुका था। इसके चलते कोविड अस्पताल व क्षेत्रीय निदान केंद्र में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच ठप है। मरीजों का सैंपल लेकर लखनऊ भेजा जा रहा है।
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मॉकड्रिल के दौरान 120 बिंदुओं की चेकलिस्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। इसके साथ ही कोरोना काल के दौरान नियुक्त हुए स्वास्थ्यकर्मियों को एक माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इस दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीडी गुप्ता, कोविड अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपक कुमार, डॉ. अनिल वर्मा, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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मॉकड्रिल के दौरान कोविड अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ व दवाओं की स्थिति मुकम्मल मिली। अस्पताल में तीन एमबीबीएस डॉक्टर, एक एनेस्थीसिया चिकित्सक, एक रेडियालॉजिस्ट, 18 स्टाफ नर्स मुस्तैद मिलीं। इसके अलावा ओटी टेक्नीशियन, वेंटीलेटर टेक्नीशियन सहित अन्य पैरामेेडिकल स्टाफ भी उपस्थित रहा। कोरोना से निपटने के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध मिला।
कोविड एल-टू अस्पताल के अलावा चार सीएचसी में 30-30 बेड रिजर्व कर एल-वन प्लस कोविड अस्पताल बनाए गए हैं। मॉकड्रिल के दौरान सीएचसी छपिया में 25 वर्षीय युवक के कोरोना इलाज का पूर्वाभ्यास किया गया। एंबुलेंस से सीएचसी लाने के बाद पैरामेडिकल स्टाफ ने पांच मिनट के अंदर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर उसका इलाज शुरू किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, डॉ. संजय कुमार, फार्मासिस्ट चंद्रशेखर शुक्ल, स्टाफ नर्स बबिता आदि मौजूद रहे।
सीएचसी वजीरगंज में मॉकड्रिल के दौरान धनेश्वरपुर निवासी कोरोना पीड़ित को एंबुलेंस से लाया गया। डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत इलाज शुरू किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, अधीक्षक डॉ. आशुतोष शुक्ल, डॉ. उदय प्रताप सिंह, स्टाफ नर्स नीता, वार्ड ब्वाय अभिनव व सुनील आदि मौजूद रहे। इसके अलावा इटियाथोक सीएचसी पर डॉ. जयगोविंद व हलधरमऊ सीएचसी पर डॉ. संत प्रताप वर्मा की अगुवाई में मॉकड्रिल किया गया।