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खतरे के निशान से महज 10 सेमी दूर घाघरा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2015 10:59 PM IST
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घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कल तक जहां नदी खतरे के निशान से 20 सेमी नीचे थी, वहीं अब नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 से केवल 10 सेमी ही दूर रह गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ ही इलाकाई लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
क्योंकि पहले उन्हें एक ही स्पर से खतरा था, जबकि अब तो नदी की धारा तीन-तीन स्परों से सटकर बह रही है। वहीं रविवार को छुट्टी का दिन होने के नाते बांध की मरम्मत का काम रामभरोसे चलता नजर आया। न तो बंधे पर कोई अधिकारी दिखाई दिया और न ही पहले की तरह काम करने वाले लोग। दर्जन भर मजदूर एक स्थान पर बालू की बोरियां भरते ही नजर आए।
मांझा रायपुर गांव में एल्गिन-चरसड़ी बांध की मजबूती के लिए अब तक सिंचाई विभाग हर तरह के हथकंडे अपना चुका है। बांध को बचाने के लिए इंजीनियरों की टीम ने जहां आधे कटे हुए एल्गिन-चरसड़ी बंधे को चौड़ा कर दिया है तो वहीं दो किलोमीटर के रेड जोन एरिया में भी उसका काम लगातार जारी है।
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लेकिन नदी की धारा जैसे-जैसे बदल रही है। उसके आगे उसके सारे प्रयास बेकार साबित होते नजर आ रहे हैं। नदी की धारा से पहले केवल स्पर नंबर तीन को ही खतरा था, जिसे वह निगल चुकी थी। लेकिन अब नदी का पानी स्पर नंबर तीन व चार को काटने के साथ ही सीधे बांध से सटकर बह रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
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क्योंकि पहले उन्हें एक ही स्पर से खतरा था, जबकि अब तो नदी की धारा तीन-तीन स्परों से सटकर बह रही है। वहीं रविवार को छुट्टी का दिन होने के नाते बांध की मरम्मत का काम रामभरोसे चलता नजर आया। न तो बंधे पर कोई अधिकारी दिखाई दिया और न ही पहले की तरह काम करने वाले लोग। दर्जन भर मजदूर एक स्थान पर बालू की बोरियां भरते ही नजर आए।
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मांझा रायपुर गांव में एल्गिन-चरसड़ी बांध की मजबूती के लिए अब तक सिंचाई विभाग हर तरह के हथकंडे अपना चुका है। बांध को बचाने के लिए इंजीनियरों की टीम ने जहां आधे कटे हुए एल्गिन-चरसड़ी बंधे को चौड़ा कर दिया है तो वहीं दो किलोमीटर के रेड जोन एरिया में भी उसका काम लगातार जारी है।
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लेकिन नदी की धारा जैसे-जैसे बदल रही है। उसके आगे उसके सारे प्रयास बेकार साबित होते नजर आ रहे हैं। नदी की धारा से पहले केवल स्पर नंबर तीन को ही खतरा था, जिसे वह निगल चुकी थी। लेकिन अब नदी का पानी स्पर नंबर तीन व चार को काटने के साथ ही सीधे बांध से सटकर बह रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।