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तालाबों में नहीं पानी, लोगों को परेशानी

Thu, 27 Apr 2017 11:02 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Thu, 27 Apr 2017 11:02 PM IST
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No water in ponds, people trouble
सूखा पड़ा तालाब - फोटो : अमर उजाला
गर्मी के मौसम में भले ही लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हों, लेकिन जिले के अफसरों को इससे कुछ लेना-देना नहीं है। अफसरों की लापरवाही से गांवों में आदर्श तालाब व मनरेगा से बनवाए गए करीब 3200 तालाब व पोखरे सूखे पड़े हैं। इन तालाबों में बूंद भर भी पानी नहीं हैं। पानी के संरक्षण के लिए बनाए गए इन तालाबों में पुआल रखा जा रहा है तो कहीं उपले पाथे जा रहे हैं। ऐसे में मवेशियों व जंगली जानवरों को पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही किसान भी तालाबों में पानी न होने से समस्या का सामना कर रहे हैं।  
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पानी की समस्या से निपटने के उद्देश्य से जिले में वर्ष 2009-10 में आदर्श जलाशय योजना लागू की गई थी। इस योजना के तहत जिले भर में करीब 800 आदर्श तालाब बनाए गए थे। तालाब निर्माण के बाद ग्राम पंचायतों को इनमें पानी भराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन तालाब का निर्माण कराने के बाद जिम्मेदार अफसर इसकी उपयोगिता ही भूल बैठे और यह सारी कवायद तालाब के निर्माण के तक ही सीमित रह गई।
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अफसरों की अनदेखी से इन तालाबों में बूंद भर पानी भी संरक्षित नहीं किया जा सका। अब इन तालाबों में कही पुआल रखा जा रहा है तो कहीं इनका उपयोग उपले पाथने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष मनरेगा के अंतर्गत तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। मनरेगा से अब तक करीब 26 तालाब व पोखरों का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन इन तालाबों की स्थिति भी आदर्श तालाबों जैसी ही है।
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यह सारे तालाब सूखे पड़े हैं और इनमें भी बूंद भर पानी नहीं है। ऐसी हालत में गांव के किसान व पशुपालक तो पानी की किल्लत से जूझ ही रहे हैं, साथ ही जंगली जानवरों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पानी की इस समस्या से निपटने के लिए शासन ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को सूखे पड़े तालाबों में पानी भरवाने का निर्देश जारी किया है, लेकिन इस फरमान का असर जिले में नहीं दिखाई दे रहा है। नतीजा यह है कि तालाबों में पानी भराने के लिए जिला प्रशासन अब तक कोई कदम नही उठा सका है।


मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि आदर्श तालाबों व मनरेगा के तहत बनाए गए तालाबों में पानी भराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। इस वर्ष भी इन तालाबों में पानी भराने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। कहीं भी पानी की समस्या नही होने दी जाएगी। 
 
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