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Gonda News: क्रय केंद्रों पर बोरे बचे न जगह, ठप हुई धान खरीद
Sun, 07 Dec 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 07 Dec 2025 11:29 PM IST
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नवीन गल्ला मंडी में डंप पड़ा धान। -संवाद
गोंडा। जिले में धान खरीद की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। 118 क्रय केंद्रों पर 6,044 एमटी धान डंप है। उठान न होने से कई केंद्रों पर जगह नहीं बची है। इसके चलते खरीद लगभग ठप हो गई है।
शहर की नवीन गल्ला मंडी में 12 क्रय केंद्र हैं। दोपहर में अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ एक क्रय केंद्र पर एक ट्राॅली खड़ी दिखाई पड़ी। मंडी परिसर में बिजली गुल होने की वजह से तौल नहीं हो रही थी। गोदाम भर जाने के कारण केंद्र प्रभारी बेबस दिखाई पड़े।
यूपीएसएस के केंद्र प्रभारी दीपक मिश्र ने खरीद की जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि मंडी में 12 क्रय केंद्र खुले हैं। 35 दिन से खरीद चल रही है, लेकिन एक भी क्विंटल धान केंद्र से नहीं उठाया गया। करीब 11 हजार क्विंटल धान विभिन्न केंद्रों पर डंप है। ऐसे में धान रखने के लिए न तो जगह है और न ही बोरे बचे हैं। सिर्फ छोटे किसानों से ही कम मात्रा में धान खरीदा जा रहा है। मंडी परिसर में ही आढ़ती के यहां धान बेच रहे रामेश्वर सिंह ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान नहीं खरीदा गया। ऐसे में दो हजार रुपये क्विंटल की दर से आढ़ती को धान बेचना पड़ा।
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राइस मिलों के एग्रीमेंट में देरी
अधूरी तैयारियों के बीच धान की खरीद शुरू कर दी गई, लेकिन उठान की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। समय से राइस मिलों से एग्रीमेंट न होने के कारण केंद्रों से धान की उठान नहीं हो पा रही है। बोरे व धान रखने की जगह नहीं है। किसान मजबूरी में अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
मिलों से हो गया एग्रीमेंट
राइस मिलों से एग्रीमेंट हो गया है। धान की उठान शुरू हो गई है। जल्द ही सभी केंद्रों पर डंप धान राइस मिलों को भेज दिया जाएगा। इससे समस्या दूर हो जाएगी।
एनके पाठक, डिप्टी आरएमओ
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शहर की नवीन गल्ला मंडी में 12 क्रय केंद्र हैं। दोपहर में अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ एक क्रय केंद्र पर एक ट्राॅली खड़ी दिखाई पड़ी। मंडी परिसर में बिजली गुल होने की वजह से तौल नहीं हो रही थी। गोदाम भर जाने के कारण केंद्र प्रभारी बेबस दिखाई पड़े।
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यूपीएसएस के केंद्र प्रभारी दीपक मिश्र ने खरीद की जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि मंडी में 12 क्रय केंद्र खुले हैं। 35 दिन से खरीद चल रही है, लेकिन एक भी क्विंटल धान केंद्र से नहीं उठाया गया। करीब 11 हजार क्विंटल धान विभिन्न केंद्रों पर डंप है। ऐसे में धान रखने के लिए न तो जगह है और न ही बोरे बचे हैं। सिर्फ छोटे किसानों से ही कम मात्रा में धान खरीदा जा रहा है। मंडी परिसर में ही आढ़ती के यहां धान बेच रहे रामेश्वर सिंह ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान नहीं खरीदा गया। ऐसे में दो हजार रुपये क्विंटल की दर से आढ़ती को धान बेचना पड़ा।
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राइस मिलों के एग्रीमेंट में देरी
अधूरी तैयारियों के बीच धान की खरीद शुरू कर दी गई, लेकिन उठान की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। समय से राइस मिलों से एग्रीमेंट न होने के कारण केंद्रों से धान की उठान नहीं हो पा रही है। बोरे व धान रखने की जगह नहीं है। किसान मजबूरी में अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
मिलों से हो गया एग्रीमेंट
राइस मिलों से एग्रीमेंट हो गया है। धान की उठान शुरू हो गई है। जल्द ही सभी केंद्रों पर डंप धान राइस मिलों को भेज दिया जाएगा। इससे समस्या दूर हो जाएगी।
एनके पाठक, डिप्टी आरएमओ