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Gonda News: अब नहीं चलेगा बहाना, गुरुजी समय से लगाएंगे बच्चों की हाजिरी
Tue, 07 Oct 2025 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:20 PM IST
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गोंडा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब छात्रों की हाजिरी को लेकर बहाना नहीं चलेगा। विद्यार्थियों को समय से स्कूल पहुंचना होगा। गुरुजी समय से स्कूल में उनकी हाजिरी लगाएंगे। महानिदेशक के आदेश के बाद जिला स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई। सीएम डैशबोर्ड से छात्रों की उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। बच्चों के पठन-पाठन के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सभी स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए गए हैं। इसके बावजूद एक भी पंजिका ऑनलाइन नहीं भरी जा रही है। इसके साथ ही स्कूल में बच्चों व शिक्षकों के आवागमन से लेकर सरकार की ओर से संचालित की जा रही सभी योजनाओं का ब्योरा पंजिकाओं पर दर्ज किया जा रहा है। जबकि पिछले साल जिले के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए 2,176 स्कूलों में 4,221 टैबेलट दिए गए थे। विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थिति के साथ ही 12 पंजिकाओं को ऑनलाइन भरने के निर्देश दिए गए। मगर सिम व नेटवर्क का हवाला देकर शिक्षकों ने व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए अपनाने से हाथ खड़े कर दिए। यहां तक शिक्षकों की हाजिरी के साथ ही अन्य पंजिकाओं को भी ऑनलाइन नहीं किया। मौजूदा सत्र में बाकी बचे स्कूलों में 958 टैबलेट की आपूर्ति की गई है।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के सभी विद्यालय टैबलेट से संतृप्त हो चुके हैं। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। बुधवार से सभी स्कूल में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन भरी जाएगी। इसके लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इन पंजिकाओं को करना है ऑनलाइन
परिषदीय विद्यालय में पंजिकाओं को भरने के लिए कागज की व्यवस्था खत्म करते हुए उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय एवं चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका, पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका ऑनलाइन करना है।
स्कूलों में आएगी पारदर्शिता
विभागीय जानकारों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से उच्चाधिकारी सीधे मॉनीटरिंग कर सकेंगे। एक क्लिक पर सभी जानकारी उपलब्ध होगी। स्कूल से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए स्कूल के शिक्षकों पर निर्भर नहीं रहना होगा। कंपोजिट ग्रांट के साथ ही स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति का सटीक आकलन किया जाएगा।
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सभी स्कूलों को दो-दो टैबलेट दिए गए हैं। इसके बावजूद एक भी पंजिका ऑनलाइन नहीं भरी जा रही है। इसके साथ ही स्कूल में बच्चों व शिक्षकों के आवागमन से लेकर सरकार की ओर से संचालित की जा रही सभी योजनाओं का ब्योरा पंजिकाओं पर दर्ज किया जा रहा है। जबकि पिछले साल जिले के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए 2,176 स्कूलों में 4,221 टैबेलट दिए गए थे। विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थिति के साथ ही 12 पंजिकाओं को ऑनलाइन भरने के निर्देश दिए गए। मगर सिम व नेटवर्क का हवाला देकर शिक्षकों ने व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए अपनाने से हाथ खड़े कर दिए। यहां तक शिक्षकों की हाजिरी के साथ ही अन्य पंजिकाओं को भी ऑनलाइन नहीं किया। मौजूदा सत्र में बाकी बचे स्कूलों में 958 टैबलेट की आपूर्ति की गई है।
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बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के सभी विद्यालय टैबलेट से संतृप्त हो चुके हैं। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। बुधवार से सभी स्कूल में छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन भरी जाएगी। इसके लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इन पंजिकाओं को करना है ऑनलाइन
परिषदीय विद्यालय में पंजिकाओं को भरने के लिए कागज की व्यवस्था खत्म करते हुए उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय एवं चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका, पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका ऑनलाइन करना है।
स्कूलों में आएगी पारदर्शिता
विभागीय जानकारों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से उच्चाधिकारी सीधे मॉनीटरिंग कर सकेंगे। एक क्लिक पर सभी जानकारी उपलब्ध होगी। स्कूल से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए स्कूल के शिक्षकों पर निर्भर नहीं रहना होगा। कंपोजिट ग्रांट के साथ ही स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति का सटीक आकलन किया जाएगा।