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Gonda News: स्नातक के बाद नौकरी नहीं, उद्यम से हासिल किया मुकाम
Thu, 15 Jan 2026 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:28 PM IST
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कलंदरपुर तोग में लगी खाद्य प्रसंस्करण की इकाई। फाइल फोटो
गोंडा। हौसला, सही सोच व सरकारी योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो छोटे गांव से भी बड़ी सफलता की इबारत लिखी जा सकती है। झंझरी विकासखंड के कलंदरपुर तोग निवासी नंद किशोर मौर्य ने इसे सच कर दिखाया है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद जहां अधिकतर युवा नौकरी की तलाश में भटकते हैं, वहीं नंद किशोर ने स्वरोजगार अपनाया और आज उनका सालाना कारोबार 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे ही युवा उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस मनाया जाएगा।
नंद किशोर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनके मन में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ा व्यवसाय शुरू करने का विचार आया। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण सूक्ष्म उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की जानकारी ली और वर्ष 2023 में 10 लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर उद्यम की शुरुआत की। नंद किशोर ने ‘श्रीराम भोग शुगर कैंडी एंड फूड’ के नाम से अपनी इकाई का पंजीकरण कराया। इसके बाद शुगर कैंडी, रेवड़ी, बताशा और छेना का उत्पादन शुरू किया। उन्होंने छेना निर्माण के लिए आधुनिक प्लांट भी स्थापित किया, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ।
राम मंदिर से रेवड़ी के कारोबार को मिली रफ्तार
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद नंद किशोर के कारोबार को नई दिशा मिली। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु उनकी रेवड़ी को प्रसाद के रूप में खरीद रहे हैं। अयोध्या अब उनके उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। साथ ही गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और बस्ती जिले में भी उनकी मिठाइयों की मांग लगातार बढ़ रही है। नंद किशोर ने बताया कि यदि युवा सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लेकर मेहनत करें, तो स्वरोजगार के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
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निवेश की बढ़ी संभावना
अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण होने के बाद जिले में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। 54 इकाइयों की स्थापना से चार हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है।
बाबूराम यादव, उपायुक्त उद्योग
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नंद किशोर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनके मन में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ा व्यवसाय शुरू करने का विचार आया। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण सूक्ष्म उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की जानकारी ली और वर्ष 2023 में 10 लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर उद्यम की शुरुआत की। नंद किशोर ने ‘श्रीराम भोग शुगर कैंडी एंड फूड’ के नाम से अपनी इकाई का पंजीकरण कराया। इसके बाद शुगर कैंडी, रेवड़ी, बताशा और छेना का उत्पादन शुरू किया। उन्होंने छेना निर्माण के लिए आधुनिक प्लांट भी स्थापित किया, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ।
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राम मंदिर से रेवड़ी के कारोबार को मिली रफ्तार
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद नंद किशोर के कारोबार को नई दिशा मिली। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु उनकी रेवड़ी को प्रसाद के रूप में खरीद रहे हैं। अयोध्या अब उनके उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। साथ ही गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और बस्ती जिले में भी उनकी मिठाइयों की मांग लगातार बढ़ रही है। नंद किशोर ने बताया कि यदि युवा सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लेकर मेहनत करें, तो स्वरोजगार के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
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निवेश की बढ़ी संभावना
अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण होने के बाद जिले में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। 54 इकाइयों की स्थापना से चार हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है।
बाबूराम यादव, उपायुक्त उद्योग