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Gonda News: फर्जीवाड़े की आरोपी महिला को अग्रिम जमानत नहीं
Thu, 30 Jan 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:40 PM IST
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गोंडा। फर्जीवाड़ा कर नजूल की जमीन हथियाने के मामले में आरोपी महिला का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नगर पालिका परिषद के नजूल अमीन गुरुचरन पांडेय ने छह नवंबर 2024 को नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया। जिसमें आरोप लगाया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी भूमाफिया बृजेश कुमार अवस्थी ने पत्नी विमलेश के साथ मिलकर सिविल लाइंस में कचहरी रेलवे स्टेशन के निकट नजूल की जमीन पर कब्जा कर मकान बनवाया। बाद में फर्जी विक्रय पत्र व कब्जा हस्तांतरण अभिलेख तैयार कर मकान को ग्राम पूरे तिवारी थाना परसपुर की रहने वाली चांदनी शुक्ला के नाम कर दिया। जांच में पता चला कि 150 रुपये के स्टांप पर करोड़ों का मकान बेचा गया है। नजूल की सरकारी जमीन हड़पने की नीयत से चांदनी शुक्ला ने विमलेश व उसके पति बृजेश कुमार अवस्थी को पक्षकार बनाकर सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में एक वाद दायर कर अपने पक्ष में आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया। जिसमें नजूल विभाग को पक्षकार नहीं बनाया। सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजबहादुर रामदेव यादव ने आरोपी विमलेश का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। (संवाद)
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अभियोजन पक्ष के अनुसार नगर पालिका परिषद के नजूल अमीन गुरुचरन पांडेय ने छह नवंबर 2024 को नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया। जिसमें आरोप लगाया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी भूमाफिया बृजेश कुमार अवस्थी ने पत्नी विमलेश के साथ मिलकर सिविल लाइंस में कचहरी रेलवे स्टेशन के निकट नजूल की जमीन पर कब्जा कर मकान बनवाया। बाद में फर्जी विक्रय पत्र व कब्जा हस्तांतरण अभिलेख तैयार कर मकान को ग्राम पूरे तिवारी थाना परसपुर की रहने वाली चांदनी शुक्ला के नाम कर दिया। जांच में पता चला कि 150 रुपये के स्टांप पर करोड़ों का मकान बेचा गया है। नजूल की सरकारी जमीन हड़पने की नीयत से चांदनी शुक्ला ने विमलेश व उसके पति बृजेश कुमार अवस्थी को पक्षकार बनाकर सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में एक वाद दायर कर अपने पक्ष में आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया। जिसमें नजूल विभाग को पक्षकार नहीं बनाया। सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजबहादुर रामदेव यादव ने आरोपी विमलेश का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। (संवाद)