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Gonda News: इमरजेंसी वार्ड में नहीं थे डॉक्टर, मरीज की मौत
Wed, 14 Oct 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:08 AM IST
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खाली डॉक्टरों की कुर्सी व नाराजगी जताते हनुमंत लाल। स्रोत: वीडियोग
गोंडा। सांस लेने में परेशानी होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराए गए एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक कोई डॉक्टर देखने नहीं पहुंचा। वहीं, सड़क हादसे में घायल एक अन्य मरीज को भी इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं मिला। काफी देर इंतजार के बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले गए।
पोर्टरगंज निवासी हनुमंत लाल ने बताया कि उनके भाई राजेश को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सोमवार रात उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि रात में कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। स्टाफ ने बाहर से 800 रुपये में दवाएं मंगाईं। मंगलवार भोर राजेश की मौत हो गई। हनुमंत लाल का कहना है कि इसके बाद वह शव लेकर बैठे रहे लेकिन सुबह साढ़े सात बजे तक इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कर्मियों ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराई।
इसी दौरान उमरीबेगमगंज क्षेत्र के पकवान गांव निवासी संतोष सिंह सड़क हादसे में घायल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां डॉक्टर नहीं मिले। संतोष दर्द से तड़पते रहे। कुछ देर इंतजार करने के बाद परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए।
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मामला गंभीर, होगी कार्रवाई : प्रधानाचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मा का कहना है कि इमरजेंसी में डॉक्टरों के मौजूद न रहने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित डॉक्टरों का वेतन बाधित किया जाएगा। इसके साथ ही सीएमएस से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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पोर्टरगंज निवासी हनुमंत लाल ने बताया कि उनके भाई राजेश को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सोमवार रात उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि रात में कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। स्टाफ ने बाहर से 800 रुपये में दवाएं मंगाईं। मंगलवार भोर राजेश की मौत हो गई। हनुमंत लाल का कहना है कि इसके बाद वह शव लेकर बैठे रहे लेकिन सुबह साढ़े सात बजे तक इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद कर्मियों ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराई।
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इसी दौरान उमरीबेगमगंज क्षेत्र के पकवान गांव निवासी संतोष सिंह सड़क हादसे में घायल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां डॉक्टर नहीं मिले। संतोष दर्द से तड़पते रहे। कुछ देर इंतजार करने के बाद परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए।
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मामला गंभीर, होगी कार्रवाई : प्रधानाचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मा का कहना है कि इमरजेंसी में डॉक्टरों के मौजूद न रहने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित डॉक्टरों का वेतन बाधित किया जाएगा। इसके साथ ही सीएमएस से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खाली डॉक्टरों की कुर्सी व नाराजगी जताते हनुमंत लाल। स्रोत: वीडियोग