फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Neither teacher nor resources, how to read student

शिक्षक न संसाधन, कैसे पढ़ें विद्यार्थी

Sun, 30 Aug 2015 11:57 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर मसकनवां बाजार के खालेगांव में स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की दुर्दशा देखकर सरकारी कॉलेज की शिक्षा की स्थिति जानी जा सकती है। यह कॉलेज प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह के गृह जनपद में है। जहां न शिक्षक हैं न बैठने की व्यवस्था है।
विज्ञापन


बिजली भी नहीं है। और तो और कॉलेज के ठीक सामने बड़ा सा तालाब है। इससे बचाने के लिए बाउंड्रीवाल भी नहीं है। ऐसे में इस राजकीय कॉलेज के पठन पाठन, शिक्षक व छात्राओं की उपस्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन

इस विद्यालय की स्थापना 1964 में हुई थी।

वर्तमान समय में विद्यालय में एक से बारह तक पंजीकृत छात्राओं की संख्या 465 है। विद्यालय में प्रवक्ता के 9(नौ) पद सृजित हैं, जिसमें मात्र जीव विज्ञान व शिक्षा शास्त्र के दो प्रवक्ता की तैनाती है। हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व इतिहास विषय के शिक्षक ही नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एलटी ग्रेड में 13 पद स्वीकृत हैं,  जिसमें नौ पद रिक्त है। हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गृह विज्ञान, गणित, विज्ञान, जीव विज्ञान, कला, शारीरिक शिक्षा व उर्दू विषय के अध्यापकों की तैनाती नहीं है। चतुर्थ श्रेणी में सात पद स्वीकृत है जिसमें 4(चार) पद रिक्त हैं।

विद्यालय जूनियर विद्यालय के मानकों पर संचालित हो रहा है। क्लास की कमी के चलते छात्राओं की पढ़ाई लैब हाल में होती है। विद्यालय में लगे पांच इंडिया मार्का हैंडपंप में सभी प्रदूषित जल दे रहे हैं।

शौचालयों की हालत जर्जर है। विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण हल्की बारिश होने पर छत से पानी टपकता है। विद्यालय के सामने स्थित तालाब में जल भराव है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

 
क्षेत्र के समाजसेवी मनमीत सिंह, मो. साहिद, इसमाइल, राजू आदि ने विद्यालय में अध्यापकों की कमी को दूर करने व चारदीवारी की निर्माण कराये जाने मांग की है। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य राजपता देवी ने बाताया कि अध्यापकों की कमी से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।

इसकी सूचना सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं से संयुक्त शिक्षा निदेशक व जिला विद्यालय निरीक्षक को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed