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नदी में डूब रहे बच्चे की जान बचाने वाला एनसीसी कैडेट सम्मानित
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गोंडा। एलबीएस गोंडा के 48 यूपी बीएन एनसीसी गोंडा के अंडर अफसर विनय कुमार तिवारी को बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया और उन्हें शौर्य पुरस्कार देने के लिए संस्तुति भेजे जाने का ऐलान किया।
बीते दिनों दो बच्चों को पानी में डूबते हुए देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए उस कैडेट ने बहादुरी के साथ उन बच्चों की जान बचा ली थी। एनसीसी कैडेट विनय कुमार तिवारी 31 अगस्त के दिन मंगलवार को शाम कटरा बाजार से अपने घर लौट रहे थे।
तभी उन्होंने अपने गांव तिलका डीहा के पास टेढ़ी नदी के पास काफी लोगों को एकत्रित देखा। शोर को सुनकर मामले को समझा। वहां पर दो बच्चे बकरी चराने गये थे। नदी में पैर फिसल जाने के कारण दोनों बच्चे नदी में डूब रहे थे।
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विनय कुमार तिवारी बच्चों के इन हालात को देखते हुए बिना समय गंवाए तथा बिना खतरे के बारे में कुछ सोचे-समझे बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। उन दोनों बच्चों को अपने पीठ पर लादकर उस तेज बहाव में जैसे-तैसे बाहर निकाला।
किशनलाल कनौजिया और पूजा पुत्री मेवालाल कनौजिया दोनों बच गए। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत, एनसीसी अधिकारी डॉ. पुष्यमित्र मिश्र व शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ शैलेंद्र नाथ मिश्र ने विनय तिवारी को इस नेकदिली और बहादुरी के लिए प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
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बीते दिनों दो बच्चों को पानी में डूबते हुए देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए उस कैडेट ने बहादुरी के साथ उन बच्चों की जान बचा ली थी। एनसीसी कैडेट विनय कुमार तिवारी 31 अगस्त के दिन मंगलवार को शाम कटरा बाजार से अपने घर लौट रहे थे।
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तभी उन्होंने अपने गांव तिलका डीहा के पास टेढ़ी नदी के पास काफी लोगों को एकत्रित देखा। शोर को सुनकर मामले को समझा। वहां पर दो बच्चे बकरी चराने गये थे। नदी में पैर फिसल जाने के कारण दोनों बच्चे नदी में डूब रहे थे।
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विनय कुमार तिवारी बच्चों के इन हालात को देखते हुए बिना समय गंवाए तथा बिना खतरे के बारे में कुछ सोचे-समझे बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। उन दोनों बच्चों को अपने पीठ पर लादकर उस तेज बहाव में जैसे-तैसे बाहर निकाला।
किशनलाल कनौजिया और पूजा पुत्री मेवालाल कनौजिया दोनों बच गए। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत, एनसीसी अधिकारी डॉ. पुष्यमित्र मिश्र व शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ शैलेंद्र नाथ मिश्र ने विनय तिवारी को इस नेकदिली और बहादुरी के लिए प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।