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नपाप के एक हजार कर्मियों का वेतन फंसा, बजट की कमी
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गोंडा। नगर पालिका के एक हजार कर्मियों का वेतन बजट के फेर में फंस गया है। राज्यवित्त आयोग ने नगर पालिका कर्मियों के वेतन बजट में पांच लाख रुपये की कटौती कर दी है। इससे पालिका कर्मियों को जून का वेतन मिलना मुश्किल हो गया है। नगर पालिका बोर्ड से वेतन बजट देने की कवायद हो रही है। बोर्ड से मिले बजट के बाद ही कर्मचारियों को वेतन मिल सकेगा।
राज्यवित्त आयोग से नगर पालिका के एक हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन में करोना काल से ही कटौती चल रही है। इससे नगर पालिका प्रशासन अन्य मदों से वेतन की पूर्ति करता रहा है। पिछले तीन माह से नगर पालिका के बजट में राज्यवित्त आयोग कटौती करता आ रहा है। माह अप्रैल में दो करोड़ दो लाख 29 हजार रुपये बजट मिला था। इसी तरह मई में दो करोड़ एक लाख 74 हजार रुपये वेतन मद में मिला था। हर माह हो रही कटौती से परेशान नगर पालिका प्रशासन को माह जून में वेतन बजट के लिए अलग मद से इंतजाम करना पड़ेगा। जून में भी वेतन बजट में राज्यवित्त आयोग से पांच लाख रुपये की कटौती कर दी है।
ऐसे में नगर पालिका प्रशासन को कर्मचारियों के वेतन का अलग मद से इंतजाम करना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों के वेतन के लिए बोर्ड से बजट देन की कवायद शुरू कर दी है। बोर्ड बजट से वेतन मद में पांच लाख रुपये देने की योजना तैयार की गई है। इसके बाद कर्मचारियों को वेतन मिलने की उम्मीद है। यदि बोर्ड बजट से पांच लाख रुपये की धनराशि नहीं मिली तो कर्मचारियों को जून माह वेतन मिला मुश्किल हो जाएगा।
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नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों के वेतन बजट में राज्यवित्त आयोग से कोराना काल से ही कटौती की जा रही है। मगर कर्मचारियों को समय से ही वेतन दिया जाता है। जून माह में पांच लाख की कटौती की गई है। जिसे बोर्ड के बजट से पूरा करके कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। उज्मा राशिद, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद गोंडा
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राज्यवित्त आयोग से नगर पालिका के एक हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन में करोना काल से ही कटौती चल रही है। इससे नगर पालिका प्रशासन अन्य मदों से वेतन की पूर्ति करता रहा है। पिछले तीन माह से नगर पालिका के बजट में राज्यवित्त आयोग कटौती करता आ रहा है। माह अप्रैल में दो करोड़ दो लाख 29 हजार रुपये बजट मिला था। इसी तरह मई में दो करोड़ एक लाख 74 हजार रुपये वेतन मद में मिला था। हर माह हो रही कटौती से परेशान नगर पालिका प्रशासन को माह जून में वेतन बजट के लिए अलग मद से इंतजाम करना पड़ेगा। जून में भी वेतन बजट में राज्यवित्त आयोग से पांच लाख रुपये की कटौती कर दी है।
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ऐसे में नगर पालिका प्रशासन को कर्मचारियों के वेतन का अलग मद से इंतजाम करना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों के वेतन के लिए बोर्ड से बजट देन की कवायद शुरू कर दी है। बोर्ड बजट से वेतन मद में पांच लाख रुपये देने की योजना तैयार की गई है। इसके बाद कर्मचारियों को वेतन मिलने की उम्मीद है। यदि बोर्ड बजट से पांच लाख रुपये की धनराशि नहीं मिली तो कर्मचारियों को जून माह वेतन मिला मुश्किल हो जाएगा।
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नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों के वेतन बजट में राज्यवित्त आयोग से कोराना काल से ही कटौती की जा रही है। मगर कर्मचारियों को समय से ही वेतन दिया जाता है। जून माह में पांच लाख की कटौती की गई है। जिसे बोर्ड के बजट से पूरा करके कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। उज्मा राशिद, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद गोंडा