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Gonda News: दहेज हत्या में सास को 10 साल की सजा
Tue, 06 Jun 2023 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:22 PM IST
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गोंडा। छपिया थाना क्षेत्र में तीन साल पूर्व दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। दोषी को सास को 10 साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह ने बताया कि छपिया के ग्राम पूरेपांडेय मौजा रानीजोत निवासी नियाज अली ने 12 मई 2020 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसकी बेटी सफीकुन्निशा की शादी 19 अप्रैल 2018 को ग्राम सब्बनजोत निवासी मो. शोएब से हुई थी। सफीकुन्निशा के नौ माह का लड़का सैफ अली है। शादी के बाद से ही दहेज में कूलर, फ्रिज आदि मांगकर उसकी सास हसरतुन्निसा, नाबालिग ननद व देवर पीटते और प्रताड़ित करते थे। सुबह सात बजे उसके पड़ोसी शाबान अली से पता चला कि सफीकुन्निशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
उस समय सफीकुन्निशा के पति मो. शोएब व ससुर फारुख सऊदी अरब में थे। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी सास व दो बाल आपचारियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों बाल आपचारियों की पत्रावली परीक्षण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। जबकि पति व ससुर के खिलाफ अभी विवेचना प्रचलित है।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी सास हसरतुन्निसा को दोषी ठहराया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पूजा सिंह ने आरोपी हसरतुन्निसा को दहेज हत्या के अपराध में 10 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी रकम मृतका के पुत्र को दी जाएगी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह ने बताया कि छपिया के ग्राम पूरेपांडेय मौजा रानीजोत निवासी नियाज अली ने 12 मई 2020 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसकी बेटी सफीकुन्निशा की शादी 19 अप्रैल 2018 को ग्राम सब्बनजोत निवासी मो. शोएब से हुई थी। सफीकुन्निशा के नौ माह का लड़का सैफ अली है। शादी के बाद से ही दहेज में कूलर, फ्रिज आदि मांगकर उसकी सास हसरतुन्निसा, नाबालिग ननद व देवर पीटते और प्रताड़ित करते थे। सुबह सात बजे उसके पड़ोसी शाबान अली से पता चला कि सफीकुन्निशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
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उस समय सफीकुन्निशा के पति मो. शोएब व ससुर फारुख सऊदी अरब में थे। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी सास व दो बाल आपचारियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों बाल आपचारियों की पत्रावली परीक्षण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। जबकि पति व ससुर के खिलाफ अभी विवेचना प्रचलित है।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी सास हसरतुन्निसा को दोषी ठहराया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पूजा सिंह ने आरोपी हसरतुन्निसा को दहेज हत्या के अपराध में 10 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी रकम मृतका के पुत्र को दी जाएगी।