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लखनऊ : स्कूलों में कोई आभूषण नहीं पहन सकेंगी रसोइया, नियम लागू कराना चुनौती
Thu, 23 Jun 2022 06:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 06:23 AM IST
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- फोटो : Mid Day Meal
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स्कूलों में बच्चों को कोविड से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गये हैं। इसी क्रम में स्कूलों में रसोइयों के किसी भी तरह के आभूषण पहनने पर रोक लगा दी गई है। जिले के 2611 परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर को भोजन (एमडीएम) बनाने के लिए 8600 रसोइयां कार्यरत हैं। नए निर्देश से जहां खुद रसोइया सकते में हैं वहीं नया नियम लागू कराना विभाग के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
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महिलाओं के लिए गहना पहना शौक ही नहीं, भारतीय संस्कृति का हिस्सा भी माना जाता है। ऐसे में एमडीएम निदेशालय की ओर से रसोइयों के लिए आभूषण पहनने पर रोक का फैसला चौंकाने वाला है। हालांकि निर्देशों में रोक का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जारी निर्देशों में इसे भी शामिल किया गया है। 16 जून से खुले स्कूलों में इस निर्देश के पालन के लिए कहा गया है। कुछ रसोइयों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह निर्देश भारतीय संस्कृति की अनदेखी है। स्कूल में शिक्षक और शिक्षिकाएं भी कार्यरत हैं। उनके बारे में ऐसा कोई निर्देश नहीं है, सिर्फ रसोइयों के लिए यह अनोखी व्यवस्था क्यों।
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शिक्षक नेता आनंद त्रिपाठी कहते हैं कि यह आदेश चौंकाने वाला है। रसोइया भले ही आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। लेकिन हर विवाहित महिला आभूषण पहनती ही हैं, भले ही वह सोने का न हो। आदेश देने से पहले से प्रदेश की संस्कृति का अध्ययन विभाग को करना चाहिए था। शिक्षक नेता विनय तिवारी कहते हैं कि सरकार मिशन शक्ति से महिलाओं को सशक्त बना रही है, लेकिन यह आदेश तो महिलाओं की निजी स्वतंत्रता पर चोट है। भारतीय संस्कृति और संविधान की भी अनदेखी है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आए कई नियम
कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। बच्चों को कोरोना से बचाने की चुनौती है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक व विद्यार्थियों के लिए मास्क लगाना शिक्षा विभाग ने अनिवार्य कर दिया है। मिड-डे-मील बनाने वाली रसोइयों के लिए नई व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही रसोइयों के लिए कोविड-19 का टीका लगवाना अनिवार्य किया गया है।
टीका न लगवाने वाले से मिड-डे-मील नहीं बनवाया जाएगा। रसोइयों को साबुन से हाथ धुलकर सैनिटाइज करना होगा। रसोई घर में मास्क पहनना अनिवार्य है। मध्याह्न भोजन के पूर्व एवं पश्चात हाथ धुलने के समय बच्चों को छह फीट की दूरी, भोजन पकाने की प्रक्रिया में एकत्रित कूड़े को ढक्कन वाले कूड़ेदान में डालने, विद्यालय परिसर में गंदे पानी का जमाव रोकने का भी निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही हाथ धुलने के बाद किसी कपड़े से पोंछने के बजाय हवा में सुखाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
परिषदीय स्कूलों में एमडीएम को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से बनवाने के लिए नये निर्देश आए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए भी सावधानी बरतनी है। सभी स्कूलों को इनका सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गये हैं।
डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए