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Gonda News: तीन डिग्री चढ़ा पारा, उमस ने बढ़ाई परेशानी
Thu, 02 Jul 2026 09:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:07 PM IST
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गोंडा। जिले में मौसम का मिजाज एक बार फिर तल्ख हो गया है। तेज धूप और बढ़ी उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार की तुलना में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सुबह से ही तेज धूप और हवा में नमी के कारण चिपचिपी गर्मी बनी रही। दोपहर के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम रही। जरूरी काम से बाहर निकले लोगों को भी उमस से जूझना पड़ा। नौकरीपेशा, दिहाड़ी मजदूर और बाजार आने-जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित रहे। पंखे और कूलर भी लोगों को खास राहत नहीं दे सके।
मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बच्चों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण से पीड़ित बच्चों को लेकर बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में बच्चों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उमस और गर्मी के कारण बच्चों में संक्रमण तथा शरीर में पानी की कमी की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिलाने, हल्का एवं ताजा भोजन देने तथा दोपहर की तेज धूप से बचाकर रखने की सलाह दी।
क्या करें
पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें।
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप से बचाएं।
ताजा और हल्का भोजन करें।
घर से निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
क्या न करें
लंबे समय तक खाली पेट धूप में न रहें।
बासी या खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
बच्चों को तेज धूप में खेलने न भेजें।
अत्यधिक ठंडे पेय पीने के तुरंत बाद धूप में न निकलें।
कमजोरी, चक्कर या उल्टी की शिकायत होने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
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सुबह से ही तेज धूप और हवा में नमी के कारण चिपचिपी गर्मी बनी रही। दोपहर के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम रही। जरूरी काम से बाहर निकले लोगों को भी उमस से जूझना पड़ा। नौकरीपेशा, दिहाड़ी मजदूर और बाजार आने-जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित रहे। पंखे और कूलर भी लोगों को खास राहत नहीं दे सके।
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मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बच्चों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण से पीड़ित बच्चों को लेकर बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में बच्चों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उमस और गर्मी के कारण बच्चों में संक्रमण तथा शरीर में पानी की कमी की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिलाने, हल्का एवं ताजा भोजन देने तथा दोपहर की तेज धूप से बचाकर रखने की सलाह दी।
क्या करें
पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें।
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप से बचाएं।
ताजा और हल्का भोजन करें।
घर से निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
क्या न करें
लंबे समय तक खाली पेट धूप में न रहें।
बासी या खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
बच्चों को तेज धूप में खेलने न भेजें।
अत्यधिक ठंडे पेय पीने के तुरंत बाद धूप में न निकलें।
कमजोरी, चक्कर या उल्टी की शिकायत होने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।