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डीएम ने खुद दवा खाकर फाइलेरियामुक्त अभियान का किया शुभारंभ
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फोटो-5 गोंडा के कलेक्ट्रेट मे फाइलेरियारोधी दवा खाकर अभियान की शुरुआत करते जिलाधिकारी।-संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन महाअभियान की शुरुआत जिलाधिकारी ने खुद दवाई खाकर की। गुरुवार को डीएम ने लोगों से फाइलेरिया मुक्ति के लिए दवा खाने की अपील की। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें करीब 30 लाख लोगों को घर-घर जाकर फाइलेरियारोधी दवाएं खिलाएंगी। अभियान 27 मई तक चलेगा।
बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने कलेक्ट्रेट में खुद दवा खाकर फाइलेरिया उन्मूलन महाअभियान की शुरुआत की। सीएमओ डॉ. आरएस केसरी व जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मंजुला आनंद ने डीएम को दवा देकर अभियान का शुभारंभ किया। डीएम ने कहा कि फाइलेरिया रोग से अपंगता की स्थिति हो जाती है। बचाव के लिए दो साल से छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं को छोड़कर सभी को दवाएं खानी चाहिए। अभियान 27 मई तक चलाया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर फाइलेरियारोधी दवाएं अपने सामने खिलाएंगी। किसी को दवाएं दी नहीं जाएंगी, बल्कि अपने सामने खिलाई जाएगी।
सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी ने कहा कि अभियान के दौरान आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया व कीड़े की दवा अपने सामने खिलाएंगी। दवा की खुराक में डीइसी व अलबेंडाजोल शामिल है। दो से पांच साल तक के बच्चों को 100 एमजी की डीईसी, छह से 15 साल उम्र वालों को दो गोली व 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को तीन गोली खिलाई जाएगी।
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वहीं, सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत माइक्रो बॉयोलाजिस्ट कंचन गुप्ता ने प्राचार्य डॉ. आरती श्रीवास्तव को दवा खिलाकर की। महाविद्यालय के सभी-छात्राओं को फाइलेरियारोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान राजेश कुमार सिंह, मोहन, पिंकी आदि रहे।
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बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने कलेक्ट्रेट में खुद दवा खाकर फाइलेरिया उन्मूलन महाअभियान की शुरुआत की। सीएमओ डॉ. आरएस केसरी व जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मंजुला आनंद ने डीएम को दवा देकर अभियान का शुभारंभ किया। डीएम ने कहा कि फाइलेरिया रोग से अपंगता की स्थिति हो जाती है। बचाव के लिए दो साल से छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं को छोड़कर सभी को दवाएं खानी चाहिए। अभियान 27 मई तक चलाया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर फाइलेरियारोधी दवाएं अपने सामने खिलाएंगी। किसी को दवाएं दी नहीं जाएंगी, बल्कि अपने सामने खिलाई जाएगी।
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सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी ने कहा कि अभियान के दौरान आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया व कीड़े की दवा अपने सामने खिलाएंगी। दवा की खुराक में डीइसी व अलबेंडाजोल शामिल है। दो से पांच साल तक के बच्चों को 100 एमजी की डीईसी, छह से 15 साल उम्र वालों को दो गोली व 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को तीन गोली खिलाई जाएगी।
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वहीं, सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत माइक्रो बॉयोलाजिस्ट कंचन गुप्ता ने प्राचार्य डॉ. आरती श्रीवास्तव को दवा खिलाकर की। महाविद्यालय के सभी-छात्राओं को फाइलेरियारोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान राजेश कुमार सिंह, मोहन, पिंकी आदि रहे।