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21 लाख मानव दिवस कटौती कर मनरेगा का बजट पास
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गोंडा। मनरेगा के लेबर बजट में कटौती करके केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है। जिले के लेबर बजट में 21 लाख मानव दिवस की कटौती की गई है। पहले जिले से 72 लाख मानव दिवस का सृजन किए जाने का लेबर बजट भेजा गया था। अब 51 लाख लेबर बजट को स्वीकृति दी गई है। इससे अब मनरेगा से दो सौ करोड़ का बजट जिले में खर्च हो सकेगा। फिलहाल विभाग की मानें तो बजट कम नहीं है, बीते साल के मुकाबले ही बजट है। इस बार मजदूरी बढ़ने से भी बजट बढ़ गया है।
मनरेगा से इस बार कई तरह की परियोजनाओं के संचालन की तैयारी है। गांवों में विकास कार्यों के साथ किसानों से जुड़े कार्य बड़े स्तर पर होने हैं। पूरे बजट का 65 फीसदी बजट खेती के कार्य से जुड़े होने के साथ ही किसानों के कल्याण के होंगे। इसके अलावा सरयू नदी के जीर्णोद्धार की योजना भी शामिल है। जिसमें 15 गांवों के तालाबों को भी सुधारा जाना है। इसी तरह पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तो होगी ही, पशुशेड के निर्माण होगा। इसके इसलिए जिले में मनरेगा का बजट तय किया गया था। 51 लाख मानव दिवस के सृजन से काफी कार्य हो जाएंगे। श्रमिकों को भी दो सौ करोड़ की मजदूरी मिल जाएगी। (संवाद)
श्रमिकों के काम में होगी कमी
मनरेगा में 21 लाख मानव दिवस सृजन में कटौती से श्रमिकों के रोजगार पर असर दिखेगा। करीब 30 हजार श्रमिकों को रोजगार देने में दिक्कत होगी। कई कार्यों को प्रस्ताव से बाहर करने होंगे। विभाग की मानें तो तय बजट के आधार पर पंचायतों को कार्य योजना में प्राथमिकता तय करके विकास कार्य करना होगा। बताया जा रहा है कि इसमें कच्चे कार्य को प्राथमिकता देनी होगी।
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गरीबों को मनरेगा से जोड़ने की होगी पहल
मनरेगा से गरीबों को सीधे जोड़ने की पहल इस बार होगी। 12 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण में मनरेगा से लाभार्थियों को 90 दिन की मजदूरी देने की योजना है। इससे प्रत्येक लाभार्थी को 19170 रुपये मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाना है। इसी तरह मुख्यमंत्री आवास योजना व शौचालय के लाभार्थियों को भी मनरेगा से मजदूरी दी जाएगी।
मनरेगा से विकास कार्य कराए जाने की योजना तैयार की गई है। पंचायतों में कई कार्य होंगे और श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार दिया जाएगा। शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी
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मनरेगा से इस बार कई तरह की परियोजनाओं के संचालन की तैयारी है। गांवों में विकास कार्यों के साथ किसानों से जुड़े कार्य बड़े स्तर पर होने हैं। पूरे बजट का 65 फीसदी बजट खेती के कार्य से जुड़े होने के साथ ही किसानों के कल्याण के होंगे। इसके अलावा सरयू नदी के जीर्णोद्धार की योजना भी शामिल है। जिसमें 15 गांवों के तालाबों को भी सुधारा जाना है। इसी तरह पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तो होगी ही, पशुशेड के निर्माण होगा। इसके इसलिए जिले में मनरेगा का बजट तय किया गया था। 51 लाख मानव दिवस के सृजन से काफी कार्य हो जाएंगे। श्रमिकों को भी दो सौ करोड़ की मजदूरी मिल जाएगी। (संवाद)
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श्रमिकों के काम में होगी कमी
मनरेगा में 21 लाख मानव दिवस सृजन में कटौती से श्रमिकों के रोजगार पर असर दिखेगा। करीब 30 हजार श्रमिकों को रोजगार देने में दिक्कत होगी। कई कार्यों को प्रस्ताव से बाहर करने होंगे। विभाग की मानें तो तय बजट के आधार पर पंचायतों को कार्य योजना में प्राथमिकता तय करके विकास कार्य करना होगा। बताया जा रहा है कि इसमें कच्चे कार्य को प्राथमिकता देनी होगी।
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गरीबों को मनरेगा से जोड़ने की होगी पहल
मनरेगा से गरीबों को सीधे जोड़ने की पहल इस बार होगी। 12 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण में मनरेगा से लाभार्थियों को 90 दिन की मजदूरी देने की योजना है। इससे प्रत्येक लाभार्थी को 19170 रुपये मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाना है। इसी तरह मुख्यमंत्री आवास योजना व शौचालय के लाभार्थियों को भी मनरेगा से मजदूरी दी जाएगी।
मनरेगा से विकास कार्य कराए जाने की योजना तैयार की गई है। पंचायतों में कई कार्य होंगे और श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार दिया जाएगा। शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी