{"_id":"6449662fcd97bb19d00ca143","slug":"life-imprisonment-for-the-one-who-destroys-evidence-by-murder-gonda-news-c-13-1-202734-2023-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: हत्या कर साक्ष्य मिटाने के दोषी को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: हत्या कर साक्ष्य मिटाने के दोषी को उम्रकैद
Wed, 26 Apr 2023 11:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 26 Apr 2023 11:28 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। खोड़ारे थाना क्षेत्र में युवक की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के मामले में न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोषी को सश्रम आजीवन कारावास और 53 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि खोड़ारे के ग्राम कूकनगर ग्रंट रामदत्तडीह निवासी विनोद कुमार ने थाने में सूचना देकर कहा कि 12 अक्तूबर 2021 को रात्रि में उसका 18 साल का बेटा संदीप उर्फ सचिन लापता हो गया था। 31 अक्तूबर 2021 को उसकी लाश राजकुमार के गन्ने के खेत में मिली। आशंका है कि बेटे की हत्या कर शव फेंका गया है।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और एक महिला के घर आने-जाने से नाराजगी के चलते संदीप की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के सुबूत मिलने पर गांव के ही रामसहाय वर्मा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
ट्रायल के दौरान न्यायालय ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के अपराध के साक्ष्य के आधार पर रामसहाय वर्मा को दोषसिद्ध किया। बुधवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश-2 डॉ. दीनानाथ-तृतीय ने रामसहाय वर्मा को सश्रम आजीवन कारावास और 53 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की 75 फीसदी धनराशि विनोद कुमार को पुत्र के वियोग में हुई मानसिक क्षति के प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि खोड़ारे के ग्राम कूकनगर ग्रंट रामदत्तडीह निवासी विनोद कुमार ने थाने में सूचना देकर कहा कि 12 अक्तूबर 2021 को रात्रि में उसका 18 साल का बेटा संदीप उर्फ सचिन लापता हो गया था। 31 अक्तूबर 2021 को उसकी लाश राजकुमार के गन्ने के खेत में मिली। आशंका है कि बेटे की हत्या कर शव फेंका गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और एक महिला के घर आने-जाने से नाराजगी के चलते संदीप की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के सुबूत मिलने पर गांव के ही रामसहाय वर्मा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
ट्रायल के दौरान न्यायालय ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के अपराध के साक्ष्य के आधार पर रामसहाय वर्मा को दोषसिद्ध किया। बुधवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश-2 डॉ. दीनानाथ-तृतीय ने रामसहाय वर्मा को सश्रम आजीवन कारावास और 53 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की 75 फीसदी धनराशि विनोद कुमार को पुत्र के वियोग में हुई मानसिक क्षति के प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।