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गोंडा: किट खत्म, हेल्थ एटीएम से हीमोग्लोबिन व शुगर की जांच ठप
Mon, 13 Feb 2023 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 13 Feb 2023 11:58 PM IST
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बलरामपुर के सीएचसी गैसड़ी में लगा हेल्थ एटीएम।
बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे गांव के मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए चार अस्पतालों में लगे हेल्थ एटीएम का संचालन किट के अभाव में ठप हो गया है। मरीजों की हीमोग्लोबिन व शुगर सहित अन्य जांचें बंद हो गईं हैं। इससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक ही स्थान पर मरीजों को कई जांनों की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने हेल्थ एटीएम सेवा शुरू की है। जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से अब तक गैंसड़ी, पचपेड़वा, तुलसीपुर व शिवपुरा में मशीनें लगाईं गईं हैं। इन मशीनों में खून का स्तर (हीमोग्लोबिन), मधुमेह (शुगर), रक्तचाप (बीपी), ऑक्सीजन लेवल, वजन व ऊंचाई मापने की व्यवस्था है। शासन की मंशा है कि ओपीडी में आने वाले मरीज पहले आवश्यक जांच कराने के बाद ही इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचे। लेकिन किट के अभाव में चार अस्पतालों में हेल्थ एटीएम से हीमोग्लोबिन व शुगर की जांच नहीं हो पा रही है।
अब इस मशीन का उपयोग रक्तचाप (बीपी) व वजन मापने के लिए किया जा रहा है। अधीक्षक रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के बजट से किट खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मशीन मिलने के पांच माह बाद भी जिले को एचबीएवनसी जांच की किट की आपूर्ति नहीं की गई है।
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जांच के लिए घंटो करते हैं इंतजार
हेल्थ एटीएम से मरीजों को कुछ ही मिनट में रिपोर्ट मिल जाती थी लेकिन, अब उन्हें एक बार फिर अस्पताल के लैब में ही जांच करानी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें सैंपल देने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को परेशानी हो रही है।
यहां पर नहीं लगा हेल्थ एटीएम
जिले के उतरौला, साादुल्लाहनगर, रेहरा बाजार, श्रीदत्तगंज सहित पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक हेल्थ एटीएम की स्थापना ही नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को दिक्कत होती है। अधिकारी कह रहे हैं कि इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
सामान नहीं देती हैं कंपनियां
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि कंपनियां मशीन तो दे देतीं हैं लेकिन, सामान नहीं देती हैं। तीन बार पत्र लिखा गया है। अभी तक किट नहीं मिल सकी है। प्रयास किया जा रहा है, जल्द ही किट उपलब्ध कराई जाएगी।
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एक ही स्थान पर मरीजों को कई जांनों की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने हेल्थ एटीएम सेवा शुरू की है। जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से अब तक गैंसड़ी, पचपेड़वा, तुलसीपुर व शिवपुरा में मशीनें लगाईं गईं हैं। इन मशीनों में खून का स्तर (हीमोग्लोबिन), मधुमेह (शुगर), रक्तचाप (बीपी), ऑक्सीजन लेवल, वजन व ऊंचाई मापने की व्यवस्था है। शासन की मंशा है कि ओपीडी में आने वाले मरीज पहले आवश्यक जांच कराने के बाद ही इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचे। लेकिन किट के अभाव में चार अस्पतालों में हेल्थ एटीएम से हीमोग्लोबिन व शुगर की जांच नहीं हो पा रही है।
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अब इस मशीन का उपयोग रक्तचाप (बीपी) व वजन मापने के लिए किया जा रहा है। अधीक्षक रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के बजट से किट खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मशीन मिलने के पांच माह बाद भी जिले को एचबीएवनसी जांच की किट की आपूर्ति नहीं की गई है।
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जांच के लिए घंटो करते हैं इंतजार
हेल्थ एटीएम से मरीजों को कुछ ही मिनट में रिपोर्ट मिल जाती थी लेकिन, अब उन्हें एक बार फिर अस्पताल के लैब में ही जांच करानी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें सैंपल देने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को परेशानी हो रही है।
यहां पर नहीं लगा हेल्थ एटीएम
जिले के उतरौला, साादुल्लाहनगर, रेहरा बाजार, श्रीदत्तगंज सहित पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक हेल्थ एटीएम की स्थापना ही नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को दिक्कत होती है। अधिकारी कह रहे हैं कि इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
सामान नहीं देती हैं कंपनियां
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि कंपनियां मशीन तो दे देतीं हैं लेकिन, सामान नहीं देती हैं। तीन बार पत्र लिखा गया है। अभी तक किट नहीं मिल सकी है। प्रयास किया जा रहा है, जल्द ही किट उपलब्ध कराई जाएगी।