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12 करोड़ से 16 ब्लॉकों में बनेंगे किसान कल्याण केंद्र
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गोंडा के कृषि विभाग के कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन कृषि कल्याण बोर्ड।
- फोटो : GONDA
गोंडा। केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने में लगी हुई है। इसके लिए अब उन्हें जानकारी और नई तकनीकों से पूरी तरह से अपडेट किया जायेगा। इसके लिए जिले में जल्द ही किसान भाइयों को ये सुविधायें मिलना शुरू हो जायेंगी। किसानों को एक छत के नीचे सारी सुविधायें प्रदान करने के लिए अब सरकार की ओर से किसान कल्याण केंद्र की सौगात जल्द मिलने वाली है। जिले के सभी 16 ब्लॉकों में किसानों के इन कल्याण केंद्रों का निर्माण कराया जायेगा। इस पर करीब 12 करोड़ 80 लाख का खर्च आयेगा।
बता दें कि जिला मुख्यालय में सदर तहसील के पीछे की जिला कृषि अधिकारी कार्यालय परिसर में ये भवन लगभग तैयार हो चुका है। इस केंद्र पर ही उन्नतिशील खेती के तरीके बताये जायेंगे। किसानों के साथ चर्चा के लिए किसान कल्याण केंद्र में हाल का निर्माण भी कराया जा रहा है। 01 फरवरी को जारी केंद्रीय बजट में सरकार की ओर से एक बार फिर किसानों की आय को दोगुना करने की बात सरकार ने दोहराई है। बताया जा रहा है कि इस दिशा में किसानों की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए आधारभूत ढांचे की आवश्यकता है। एक किसान कल्याण केंद्र का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं दो अन्य का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। लगभग 80 लाख 14 हजार की लागत से बनने वाले इस भवन कई सुविधायें प्रदान की जायेंगी। योजना में निर्माण की जिम्मेदारी पैकफेड को सौंपी गई है।
तीन और ब्लॉकों में जल्द शुुरू होगा काम
सदर तहसील में निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। वहीं बभनजोत और हलधरमऊ ब्लॉक में निर्माण कार्य चल रहा है। अब इसके बाद छपिया, कटराबाजार और तरबगंज ब्लाक में नये कल्याण केन्द्र को मंजूरी मिल चुकी है। कुछ दिन पूर्व बजट के अभाव में सदर तहसील में निर्माणाधीन भवन का कार्य ठप पड़ गया था। लेकिन बजट मिलने के बाद एक बार फिर काम शुरू करा दिया गया है। 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा कर हैंडओवर करने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि एक महीने के भीतर भवन को हैंडओवर किया जा सकता है।
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किसानों को मिलेगा ये लाभ
-किसानों को जिला मुख्यालय तक खाद बीज के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
-हर माह किसानों की बैठक सभागार में आयोजित की जाएगी।
-प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण के लिए सुविधा मिलेगी।
-खाद बीज, यंत्र व अन्य सामानों की खरीद के लिए पंजीकरण कराना आसान होगा।
-ब्लॉक मुख्यालय पर खाद-बीज के गोदाम से उन्हें बीज व खाद की आपूर्ति हो सकेगी।
-रवी, खरीफ व जायद की गोष्ठियों में किसानों को शिरकत कराया जाएगा।
प्रत्येक ब्लॉक में किसान कल्याण केंद्रों की स्थापना की जायेगी। इससे किसानों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिले में 6 केन्द्र बनाये जाने हैं। इनमें एक केन्द्र जो कि सदर तहसील में बनाया जा रहा है, उसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दो अन्य का कार्य प्रगति पर है। तीन और केन्द्रों के निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है। अब किसानों को एक ही जगह पर हर प्रकार की जानकारी और सुविधाएं मिल सकेंगी। -जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी
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बता दें कि जिला मुख्यालय में सदर तहसील के पीछे की जिला कृषि अधिकारी कार्यालय परिसर में ये भवन लगभग तैयार हो चुका है। इस केंद्र पर ही उन्नतिशील खेती के तरीके बताये जायेंगे। किसानों के साथ चर्चा के लिए किसान कल्याण केंद्र में हाल का निर्माण भी कराया जा रहा है। 01 फरवरी को जारी केंद्रीय बजट में सरकार की ओर से एक बार फिर किसानों की आय को दोगुना करने की बात सरकार ने दोहराई है। बताया जा रहा है कि इस दिशा में किसानों की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए आधारभूत ढांचे की आवश्यकता है। एक किसान कल्याण केंद्र का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं दो अन्य का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। लगभग 80 लाख 14 हजार की लागत से बनने वाले इस भवन कई सुविधायें प्रदान की जायेंगी। योजना में निर्माण की जिम्मेदारी पैकफेड को सौंपी गई है।
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तीन और ब्लॉकों में जल्द शुुरू होगा काम
सदर तहसील में निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। वहीं बभनजोत और हलधरमऊ ब्लॉक में निर्माण कार्य चल रहा है। अब इसके बाद छपिया, कटराबाजार और तरबगंज ब्लाक में नये कल्याण केन्द्र को मंजूरी मिल चुकी है। कुछ दिन पूर्व बजट के अभाव में सदर तहसील में निर्माणाधीन भवन का कार्य ठप पड़ गया था। लेकिन बजट मिलने के बाद एक बार फिर काम शुरू करा दिया गया है। 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा कर हैंडओवर करने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि एक महीने के भीतर भवन को हैंडओवर किया जा सकता है।
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किसानों को मिलेगा ये लाभ
-किसानों को जिला मुख्यालय तक खाद बीज के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
-हर माह किसानों की बैठक सभागार में आयोजित की जाएगी।
-प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण के लिए सुविधा मिलेगी।
-खाद बीज, यंत्र व अन्य सामानों की खरीद के लिए पंजीकरण कराना आसान होगा।
-ब्लॉक मुख्यालय पर खाद-बीज के गोदाम से उन्हें बीज व खाद की आपूर्ति हो सकेगी।
-रवी, खरीफ व जायद की गोष्ठियों में किसानों को शिरकत कराया जाएगा।
प्रत्येक ब्लॉक में किसान कल्याण केंद्रों की स्थापना की जायेगी। इससे किसानों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिले में 6 केन्द्र बनाये जाने हैं। इनमें एक केन्द्र जो कि सदर तहसील में बनाया जा रहा है, उसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दो अन्य का कार्य प्रगति पर है। तीन और केन्द्रों के निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है। अब किसानों को एक ही जगह पर हर प्रकार की जानकारी और सुविधाएं मिल सकेंगी। -जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी