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Gonda News: टीबी मरीजों को खुशहाल रहने के गुर बताएगा खुशी एप
Fri, 24 Jul 2026 09:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:14 PM IST
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गोंडा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत डिजिटल जागरूकता और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत मोबाइल एप की शुरुआत की है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत तैयार किए गए इस एप के माध्यम से टीबी मरीजों को उपचार, पोषण सहायता और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक विवेक सरन ने बताया कि एप को स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों और स्वयंसेवकों के मोबाइल में भी डाउनलोड कराया जाएगा। जिससे मरीजों का विवरण दर्ज होने के बाद उनकी उपचार संबंधी गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। इस एप में खुशी नाम का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटबॉट भी शामिल है। यह चैटबॉट टीबी मरीजों और आम लोगों के सवालों का आसान भाषा में जवाब देगा। इसके माध्यम से टीबी के लक्षण, उपचार प्रक्रिया, बचाव के उपाय और स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत जिले के करीब 4800 टीबी मरीजों की अब डिजिटल निगरानी होगी। इसके लिए संचालित अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रही हैं और उनका उपचार शुरू करा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के मोबाइल में इस एप को डाउनलोड कराया जाएगा। एप के माध्यम से टीबी मरीजों का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज कर उनकी निगरानी होगी।
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समाज की भागीदारी से ही मिलेगी टीबी पर जीत
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत एप का उद्देश्य मरीजों तक बेहतर सहायता पहुंचाने के साथ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समय पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न गतिविधियों की प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित करेगा।
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जिला कार्यक्रम समन्वयक विवेक सरन ने बताया कि एप को स्वास्थ्यकर्मियों, निक्षय मित्रों और स्वयंसेवकों के मोबाइल में भी डाउनलोड कराया जाएगा। जिससे मरीजों का विवरण दर्ज होने के बाद उनकी उपचार संबंधी गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। इस एप में खुशी नाम का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटबॉट भी शामिल है। यह चैटबॉट टीबी मरीजों और आम लोगों के सवालों का आसान भाषा में जवाब देगा। इसके माध्यम से टीबी के लक्षण, उपचार प्रक्रिया, बचाव के उपाय और स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत जिले के करीब 4800 टीबी मरीजों की अब डिजिटल निगरानी होगी। इसके लिए संचालित अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर रही हैं और उनका उपचार शुरू करा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के मोबाइल में इस एप को डाउनलोड कराया जाएगा। एप के माध्यम से टीबी मरीजों का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज कर उनकी निगरानी होगी।
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समाज की भागीदारी से ही मिलेगी टीबी पर जीत
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आदित्य वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत एप का उद्देश्य मरीजों तक बेहतर सहायता पहुंचाने के साथ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समय पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न गतिविधियों की प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित करेगा।