फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Kanhaiya hear our petition...

सुन ले कन्हैया अरजी हमारी...

Fri, 05 Feb 2016 11:42 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 05 Feb 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
Kanhaiya hear our petition...
तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रात: 11 बजे से पुन: भजनों का कार्यक्रम शुरू हुआ। ट्रस्ट के प्रबंधक संजय गोयल ने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही मंदिर प्रांगण भक्तों से खचाखच भर गया था। सर्वप्रथम इंदौर से पधारीं सोना जाधव ने भजनों की प्रस्तुति दी। अपनी रचनाओं ‘म्हारे मन की बात बाबा थारे से न छानी है, थाने लाज बचानी है, तेरे दरबार में दाता सुनाने हम भी आये हैं’ ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
विज्ञापन


दादी जी के भजन ‘तनधन बाबो सेठ म्हारी नारायणी सेठानी है, ने महिला भक्तों को खूब रिझाया। ब्रज की होली के भजनों ‘आज बिरज में होली रे रसिया’, ‘रंग बरसे खाटू नगरिया में’ पर भक्तों ने खूब ठुमके लगाए।
विज्ञापन


भजनों की श्रंखला में अगली हाजिरी मुंबई से आए पार्श्व गायक मनोज मिश्रा ने लगाई। वार्षिकोत्सव प्रभारी विशाल बंसल ने बताया कि मनोज मिश्रा ने भजनों की शुरूआत ‘सुन ले कन्हैया अरजी हमारी, तारो न तारो मरजी तुम्हारी’ रचना से की।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद उन्होंने अपनी सुरीली एवं शास्त्रीय गायकी से ऐसा समां बांधा कि भक्त श्याम नाम की भक्ति में डूब गए। पल्ला तो बिछा के देख तेरी झोली भर दे सांवरिया, जबसे तेरी मेरी मुलाकात हो गई, सारे कहते हैं कि करामात हो गई’, ये है हसरत मेरी तेरे दरबार हमेशा मैं आता रहूं’ को भक्तों ने खूब पसंद किया।

भजनाें की इस कड़ी में अगली हाजिरी खलीलाबाद के सरदार हरमहेंद्र सिंह रोमी ने लगाई। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सुरेश भावसिहंका ने बताया कि रोमी देश ही नहीं, अपितु डेनमार्क, नार्वे आदि देशों में भी श्याम नाम का डंका बजा चुके हैं।

 भजनों की शुरुआत उन्होंने अपनी आने वाली नई सीडी जिद है कन्हैया के टाइटिल भजन ‘जिद है कन्हैया बिगड़ी बना दो, मार के ठोकर या फिर हस्ती मिटा दो’, से की। भक्तों की फरमाइश पर उन्होंने ‘मौज हो गई जी म्हारी मौज हो गई, होली दीवाली म्हारी रोज हो गई’, कइया सरसी म्हारा श्याम थारे बिना कइयां सरसी’ भी सुनाया।


उनकी भावपूर्ण रचना ‘चलते चलते हार गया मैं बांह पकड़ ले रे’, को सुनकर भक्तगण अपने अश्रु बहने से नहीं रोक पाए। अंत में फूलों की होली खेली गई। कार्यक्रम के अंत में भव्य आतिशबाजी की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश सिंघल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed