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कलश यात्रा अयोध्या रवाना
Updated Thu, 09 Jul 2015 12:07 AM IST
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प्राण प्रतिष्ठा महापर्व पर बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु अयोध्या रवाना हुए। बुधवार देर शाम ही सरयू घाट अयोध्या से जल लेकर यह यात्रा झालीधाम आश्रम वापस होगी। जहां पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन 16 जुलाई तक होगा।
बुधवार को प्रसिद्ध झालीधाम आश्रम से बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। महिलाएं कलश के साथ सैकड़ों वाहनों में सवार होकर खरगूपुर बाजार से महराजगंज बाजार, इटियाथोक होते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुईं। इसके पूर्व झालीधाम आश्रम के महंथ स्वामी नरसिंह दास ब्रम्हचारी ने पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक व पूजन अर्चन किया।
सैकड़ों वाहनों के साथ निकले कलश यात्रा जुलूस में बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु शामिल रहे। महंथ स्वामी नरसिंह दास की अगुवाई में खरगूपुर पहुंची कलश यात्रा का लोगों ने स्वागत किया। मकानों के छतों से महिलाओं ने पुष्प की वर्षा की। इसी तरह मार्ग पर पड़ने वाले विभिन्न गांव व बाजारों में भी कलश यात्रा का लोगों ने स्वागत किया।
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आयोजक आशीष त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या स्थित सरयू घाट से जल लाकर बुधवार देर शाम कलश यात्रा पुन: वापस झालीधाम आश्रम पहुंचेगी। जहां पर आठ जुलाई से 16 जुलाई तक नित्य रूद्राभिषेक एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन आश्रम परिसर में होगा। कलश यात्रा की सुरक्षा में एसडीएम सदर, क्षेत्राधिकारी नगर व खरगूपुर पुलिस मौजूद रही।
क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कई दशक से विख्यात झालीधाम आश्रम पौराणिक धरोहर का अनुपम स्वरूप है। पांडव अपनी माता कुंती के साथ इसी एक चक्रा नगरी क्षेत्र झालीधाम में निवास किए थे। यहां घनघोर कलीकाल में स्वामी राम मिलन दास जी महराज ने कई वर्षों तक तपस्या की। वहीं स्वामी जी स्वयं समाधि लेकर क्षेत्र में लोगों के दिलों मे धार्मिक भाव की अमिट छाप छोड़ गये। स्वामी राम मिलन दास जी की समाधि झालीधाम में है।
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बुधवार को प्रसिद्ध झालीधाम आश्रम से बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। महिलाएं कलश के साथ सैकड़ों वाहनों में सवार होकर खरगूपुर बाजार से महराजगंज बाजार, इटियाथोक होते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुईं। इसके पूर्व झालीधाम आश्रम के महंथ स्वामी नरसिंह दास ब्रम्हचारी ने पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक व पूजन अर्चन किया।
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सैकड़ों वाहनों के साथ निकले कलश यात्रा जुलूस में बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु शामिल रहे। महंथ स्वामी नरसिंह दास की अगुवाई में खरगूपुर पहुंची कलश यात्रा का लोगों ने स्वागत किया। मकानों के छतों से महिलाओं ने पुष्प की वर्षा की। इसी तरह मार्ग पर पड़ने वाले विभिन्न गांव व बाजारों में भी कलश यात्रा का लोगों ने स्वागत किया।
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आयोजक आशीष त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या स्थित सरयू घाट से जल लाकर बुधवार देर शाम कलश यात्रा पुन: वापस झालीधाम आश्रम पहुंचेगी। जहां पर आठ जुलाई से 16 जुलाई तक नित्य रूद्राभिषेक एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन आश्रम परिसर में होगा। कलश यात्रा की सुरक्षा में एसडीएम सदर, क्षेत्राधिकारी नगर व खरगूपुर पुलिस मौजूद रही।
क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कई दशक से विख्यात झालीधाम आश्रम पौराणिक धरोहर का अनुपम स्वरूप है। पांडव अपनी माता कुंती के साथ इसी एक चक्रा नगरी क्षेत्र झालीधाम में निवास किए थे। यहां घनघोर कलीकाल में स्वामी राम मिलन दास जी महराज ने कई वर्षों तक तपस्या की। वहीं स्वामी जी स्वयं समाधि लेकर क्षेत्र में लोगों के दिलों मे धार्मिक भाव की अमिट छाप छोड़ गये। स्वामी राम मिलन दास जी की समाधि झालीधाम में है।