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जल्द न्याय कराया जाए
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 07 May 2016 11:46 PM IST
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कार्यक्रम में मौजूद वकील
- फोटो : अमर उजाला
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दीवानी न्यायालय के सभा कक्ष में शनिवार को इंडियन एसोसिएशन ऑफ लायर्स की ओर से भारत के संविधान में न्याय की अवधारणा पर विचार गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद न्यायधीश श्रीदेवी ने गोष्ठी को संबोधित करते कहा कि संविधान की मूल आत्मा के अनुकूल सामाजिक आर्थिक व विधिक न्याय सामान्य जन को जल्द उपलब्ध कराना सामाजिक व्यवस्था के जरूरी है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता व एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष वाईएस लोहित ने कहा कि न्याय पालिका को अक्षुण बनाए रखना देश के हर नागरिक को न्याय दिलाने के लिए जरूरी है।
भारतीय संविधान में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के निर्णयों की समीक्षा करने का अधिकार न्याय पालिका को है। संगठन के प्रांतीय महामंत्री सुरेश त्रिपाठी ने कहा है कि भारत के संविधान के तहत लोगों को हर तरह का न्याय दिलाने की व्यवस्था है।
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उस ओर हम सब कभी-कभी राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ने में अक्षम हैं। गोष्ठी में वरिष्ठ अधिवक्ता दीप नारायन पांडेय, वीरेंद्र त्रिपाठी, बिन्देश्वरी दूबे, अरविन्द श्रीवास्तव, ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर मंत्री जमील अहमद, विजय तिवारी, राजेश, जीपी पाल, प्रकाश चन्द्र आदि मौजूद रहे।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता व एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष वाईएस लोहित ने कहा कि न्याय पालिका को अक्षुण बनाए रखना देश के हर नागरिक को न्याय दिलाने के लिए जरूरी है।
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भारतीय संविधान में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के निर्णयों की समीक्षा करने का अधिकार न्याय पालिका को है। संगठन के प्रांतीय महामंत्री सुरेश त्रिपाठी ने कहा है कि भारत के संविधान के तहत लोगों को हर तरह का न्याय दिलाने की व्यवस्था है।
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उस ओर हम सब कभी-कभी राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ने में अक्षम हैं। गोष्ठी में वरिष्ठ अधिवक्ता दीप नारायन पांडेय, वीरेंद्र त्रिपाठी, बिन्देश्वरी दूबे, अरविन्द श्रीवास्तव, ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर मंत्री जमील अहमद, विजय तिवारी, राजेश, जीपी पाल, प्रकाश चन्द्र आदि मौजूद रहे।