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Gonda News: पुरुषोत्तम मास में एक माह तक पृथ्वीनाथ मंदिर में होगा जलाभिषेक
Sat, 16 May 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 16 May 2026 11:41 PM IST
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पृथ्वीनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग व खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर। - संवाद
खरगूपुर। प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में पुरुषोत्तम मास (अधिमास) का एक माह तक चलने वाला पारंपरिक मेला रविवार से शुरू होगा। यह धार्मिक आयोजन प्रत्येक तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता है। मेले के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करेंगे।
खरगूपुर से पश्चिम में करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मंदिर के महंत जगदंबा प्रसाद तिवारी ने बताया कि इस स्थान का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। मान्यता है कि भीम ने यहां विशाल शिवलिंग की स्थापना की थी। मंदिर में स्थापित शिवलिंग कसौटी के दुर्लभ काले पत्थर से निर्मित है। शहर के दुखहरण नाथ मंदिर का भी धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने के बाद भोलेनाथ ने यहां प्रवास किया था। ज्योतिषाचार्य डॉ. संतोष कुमार द्विवेदी का कहना है कि इस मास भगवान भोलेनाथ का पूजन करना शुभ माना जाता है।
मेला परिसर में सुविधाओं का अभाव
धार्मिक महत्व के बावजूद पृथ्वीनाथ मंदिर के मेला परिसर में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए 14 हैंडपंपों में से आठ खराब हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी और घास उगी है। मंदिर के निकास द्वार के पास भी कूड़े के ढेर और दुर्गंध से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा वर्षों पहले बनाए गए रैन बसेरे की स्थिति भी खराब है। आंधी में क्षतिग्रस्त हुए टिनशेड अब तक दुरुस्त नहीं कराए गए हैं। यहां दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु ब्राह्मण भोज और भोजन व्यवस्था का कार्य करते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मेले के दौरान साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।
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खरगूपुर से पश्चिम में करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मंदिर के महंत जगदंबा प्रसाद तिवारी ने बताया कि इस स्थान का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। मान्यता है कि भीम ने यहां विशाल शिवलिंग की स्थापना की थी। मंदिर में स्थापित शिवलिंग कसौटी के दुर्लभ काले पत्थर से निर्मित है। शहर के दुखहरण नाथ मंदिर का भी धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने के बाद भोलेनाथ ने यहां प्रवास किया था। ज्योतिषाचार्य डॉ. संतोष कुमार द्विवेदी का कहना है कि इस मास भगवान भोलेनाथ का पूजन करना शुभ माना जाता है।
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मेला परिसर में सुविधाओं का अभाव
धार्मिक महत्व के बावजूद पृथ्वीनाथ मंदिर के मेला परिसर में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए 14 हैंडपंपों में से आठ खराब हैं। परिसर में जगह-जगह गंदगी और घास उगी है। मंदिर के निकास द्वार के पास भी कूड़े के ढेर और दुर्गंध से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा वर्षों पहले बनाए गए रैन बसेरे की स्थिति भी खराब है। आंधी में क्षतिग्रस्त हुए टिनशेड अब तक दुरुस्त नहीं कराए गए हैं। यहां दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु ब्राह्मण भोज और भोजन व्यवस्था का कार्य करते हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मेले के दौरान साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।

पृथ्वीनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग व खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर। - संवाद
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