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भगवान शिव का किया जलाभिषेक
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:05 AM IST
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सावन के दूसरे सोमवार पर शिव मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। शिवालय तथा शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भोर पहर में ही शिव भक्तों की भीड़ जुट गई। शिव भक्तों ने कतारबद्ध होकर भोलेनाथ का दर्शन व पूजन किया।
जल व दूध से जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए शिवालयों में महिलाओं की भीड़ भी जुटी। महिलाओं ने परिवार के सुख-शांति के लिए भोलेनाथ के साथ-साथ माता गौरी की पूजा-अर्चना भी की।
पचपेड़वा स्थित शिवगढ़धाम, शक्तिपीठ देवीपाटन स्थित शिवालय तथा राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में कांवरियों ने भी विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
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सावन माह के दूसरे सोमवार को नगर के झारखंडी मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर स्थित शिवालय, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़धाम, मथुरा बाजार स्थित शिवालय, उतरौला स्थित दुखहरन नाथ, राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ, भगवतीगंज स्थित झारखंडेश्वर महोदव मंदिर तथा बिजलीपुर स्थित प्राचीन शिवालय में भोर पहर से ही शिव भक्तों की भीड़ जुट गई।
ऊं नम: शिवाय एवं हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूर, गन्ना, शहद, अक्षत व पुष्प आदि से भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार के लिए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों ने राप्ती नदी, सिरिया पहाड़ी नाला, कुंआनों नदी व बूढ़ी राप्ती सहित तमाम पवित्र सरोवरों से कावंड़ में जल भरकर जुलूस के रूप में पदयात्रा करते हुए शिवालय पहुंचे। शिवालयों में कतारबद्ध होकर कांवरियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
जिले के सभी प्रमुख मंदिरों पर सावन सोमवार के दिन जुटने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी शिवालयों में सुरक्षा की पूर्ण व्यवस्था की गई और पूरे दिन सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। क्षेत्राधिकारियों के साथ-साथ सभी कोतवाल व थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
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जल व दूध से जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए शिवालयों में महिलाओं की भीड़ भी जुटी। महिलाओं ने परिवार के सुख-शांति के लिए भोलेनाथ के साथ-साथ माता गौरी की पूजा-अर्चना भी की।
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पचपेड़वा स्थित शिवगढ़धाम, शक्तिपीठ देवीपाटन स्थित शिवालय तथा राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में कांवरियों ने भी विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
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सावन माह के दूसरे सोमवार को नगर के झारखंडी मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर स्थित शिवालय, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़धाम, मथुरा बाजार स्थित शिवालय, उतरौला स्थित दुखहरन नाथ, राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ, भगवतीगंज स्थित झारखंडेश्वर महोदव मंदिर तथा बिजलीपुर स्थित प्राचीन शिवालय में भोर पहर से ही शिव भक्तों की भीड़ जुट गई।
ऊं नम: शिवाय एवं हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूर, गन्ना, शहद, अक्षत व पुष्प आदि से भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार के लिए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों ने राप्ती नदी, सिरिया पहाड़ी नाला, कुंआनों नदी व बूढ़ी राप्ती सहित तमाम पवित्र सरोवरों से कावंड़ में जल भरकर जुलूस के रूप में पदयात्रा करते हुए शिवालय पहुंचे। शिवालयों में कतारबद्ध होकर कांवरियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
जिले के सभी प्रमुख मंदिरों पर सावन सोमवार के दिन जुटने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी शिवालयों में सुरक्षा की पूर्ण व्यवस्था की गई और पूरे दिन सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। क्षेत्राधिकारियों के साथ-साथ सभी कोतवाल व थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।