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जल शक्ति मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया
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गोंडा। प्रदेश के जल शक्ति, सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने मंगलवार को जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। जिले में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ से प्रभावित गांव में हर प्रभावित व्यक्ति को शासन की मंशा अनुसार राहत और मदद मुहैया कराई जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत मानक अनुसार उपलब्ध कराई जाए।
कहा कि राशन की किट अलग और लैया चना की पैकेट अलग से उपलब्ध कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंद तक राहत प्रत्येक दशा में पहुंचे। तटबंध की निगरानी के लिए कलेक्ट्रेट में लगाए गए लाइव सीसीटीवी कैमरे की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह इसे मुख्यमंत्री को दिखाएंगे।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बादल फटने से अगले एक-दो दिनों में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ेगा परंतु स्थिति सामान्य रहेगी। कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित फसल का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की व्यवस्था कराएं।
उन्होंने कहा कि 10 सितंबर तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डीपीआरओ और सीएमओ को निर्देशित किया कि जल मग्न हुए गांव में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए व एंटी लार्वा का छिड़काव कराए, जिससे संक्रामक बीमारियों का ख़तरा पैदा न हों।
साथ ही गांव में सभी आवश्यक दवाएं वितरित कराई जाएं। बैठक में जनपद के जनप्रतिनिधियों से जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ राहत को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में फीडबैक प्राप्त किया।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ से प्रभावित गांव में हर प्रभावित व्यक्ति को शासन की मंशा अनुसार राहत और मदद मुहैया कराई जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत मानक अनुसार उपलब्ध कराई जाए।
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कहा कि राशन की किट अलग और लैया चना की पैकेट अलग से उपलब्ध कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंद तक राहत प्रत्येक दशा में पहुंचे। तटबंध की निगरानी के लिए कलेक्ट्रेट में लगाए गए लाइव सीसीटीवी कैमरे की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह इसे मुख्यमंत्री को दिखाएंगे।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बादल फटने से अगले एक-दो दिनों में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ेगा परंतु स्थिति सामान्य रहेगी। कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित फसल का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की व्यवस्था कराएं।
उन्होंने कहा कि 10 सितंबर तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डीपीआरओ और सीएमओ को निर्देशित किया कि जल मग्न हुए गांव में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए व एंटी लार्वा का छिड़काव कराए, जिससे संक्रामक बीमारियों का ख़तरा पैदा न हों।
साथ ही गांव में सभी आवश्यक दवाएं वितरित कराई जाएं। बैठक में जनपद के जनप्रतिनिधियों से जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ राहत को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में फीडबैक प्राप्त किया।