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Gonda News: कछुआ संरक्षण के साथ ही नदी की स्वच्छता की पहल
Thu, 14 Nov 2024 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 14 Nov 2024 12:28 AM IST
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गोंडा में करनैलगंज स्थित सरयू नदी में कछुआ छोड़तीं डीएम नेहा शर्मा व सीडीओ अंकिता जैन।
करनैलगंज (गोंडा)। जिले की प्रमुख नदी सरयू को स्वच्छ बनाने की शुरुआत करनैलगंज से हुई है। नमामि गंगे परियोजना से नदी को स्वच्छ रखने के साथ ही विलुप्त हो रहे जलीय जीवों के संरक्षण की पहल की जा रही है।
बुधवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा व मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने नदी में कछुआ डालकर लोगों को नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। डीएम ने कहा कि कछुओं के प्रजनन व उनके संरक्षण के लिए सबसे उपयोगी सरयू नदी है। बुधवार को लखनऊ से बरामद किए गए 93 कछुओं को छोड़कर जिलाधिकारी ने उन्हें संरक्षित किया। बताया कि सरयू नदी भारत की इकलौती नदी है जहां नौ प्रजाति के कछुओं को एक साथ संरक्षित किया जा सकता है। इसमें चार विलुप्त व विचित्र प्रजाति के कछुए शामिल हैं।
वन विभाग गोंडा व टर्टल सर्वाइकल एलाएंस टीएसए के तत्वावधान में कछुआ विमोचन कार्यक्रम भी हुआ। जिलाधिकारी व सीडीओ के साथ वन विभाग और टीएसए फाउंडेशन की टीम ने दर्जनों छोटे व बड़े सात प्रजाति के 93 कछुओं को एक-एक कर सरयू नदी में छोड़ा। जिलाधिकारी ने कछुआ संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता और सुरक्षा के तहत लोगों से अपील की, जिससे कछुए विलुप्त होने से बचाए जा सकें। इस मौके पर जिला प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ला, टीएसए की श्रीपर्णा, डॉ. अंकिता, उप जिलाधिकारी भारत भार्गव, तहसीलदार मनीष कुमार वन विभाग के अशोक कुमार पांडेय आदि रहे।
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बुधवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा व मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने नदी में कछुआ डालकर लोगों को नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। डीएम ने कहा कि कछुओं के प्रजनन व उनके संरक्षण के लिए सबसे उपयोगी सरयू नदी है। बुधवार को लखनऊ से बरामद किए गए 93 कछुओं को छोड़कर जिलाधिकारी ने उन्हें संरक्षित किया। बताया कि सरयू नदी भारत की इकलौती नदी है जहां नौ प्रजाति के कछुओं को एक साथ संरक्षित किया जा सकता है। इसमें चार विलुप्त व विचित्र प्रजाति के कछुए शामिल हैं।
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वन विभाग गोंडा व टर्टल सर्वाइकल एलाएंस टीएसए के तत्वावधान में कछुआ विमोचन कार्यक्रम भी हुआ। जिलाधिकारी व सीडीओ के साथ वन विभाग और टीएसए फाउंडेशन की टीम ने दर्जनों छोटे व बड़े सात प्रजाति के 93 कछुओं को एक-एक कर सरयू नदी में छोड़ा। जिलाधिकारी ने कछुआ संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता और सुरक्षा के तहत लोगों से अपील की, जिससे कछुए विलुप्त होने से बचाए जा सकें। इस मौके पर जिला प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ला, टीएसए की श्रीपर्णा, डॉ. अंकिता, उप जिलाधिकारी भारत भार्गव, तहसीलदार मनीष कुमार वन विभाग के अशोक कुमार पांडेय आदि रहे।
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