{"_id":"58712c2b4f1c1b005215c9b7","slug":"increased-melting-to-icy-winds","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्फीली हवाओं से बढ़ी गलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्फीली हवाओं से बढ़ी गलन
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 07 Jan 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
ठिठुरतीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार शीतलहर व बर्फीली हवाओं के चलने से गलन बढ़ गई है। शनिवार को बर्फीली हवाओं से ठंड से लोग परेशान रहे। पुरवा हवा के झोंकों से लोग सुबह 11 बजे तक अपने घरों में ही दुबके रहे। धूप न निकलने व शीतलहर के प्रकोप से पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंड से बचने के लिए जगह-जगह लोग अलाव तापने को मजबूर दिखे। कड़ाके की ठंड से लोग दिनभर ठिठुरते रहे।
पिछले एक सप्ताह से लगातार शीतलहर का प्रकोप जारी है। लोग रोज धूप निकलने का इंतजार करते हैं, लेकिन जरा देर दोपहर में सूर्य के दर्शन होने के बाद धुंध की चादर छा जाती है। शुक्रवार की रात से ही शीतलहर के साथ बर्फीली हवाओं के चलने से ठंड बढ़ गई।
लोग जरूरी न हो तो अपने काम को सुबह-शाम के बजाय दोपहर में निपटा रहे हैं। शनिवार को सुबह लोग खुद को काफी गर्म कपड़े में लपेट कर निकले। कई जगह तो लोग दिन भर अलाव तापते रहे।
विज्ञापन
इस बाबत कृषि विज्ञान केंद्र के जिला समन्वयक डॉ. उपेंद्र कुमार का कहना है कि ऐसी ही ठंड अभी करीब 20 दिन तक बरकरार रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जब तक बारिश नहीं होगी, शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। उन्होंने इस समय पाला गिरने की संभावना से किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से लगातार शीतलहर का प्रकोप जारी है। लोग रोज धूप निकलने का इंतजार करते हैं, लेकिन जरा देर दोपहर में सूर्य के दर्शन होने के बाद धुंध की चादर छा जाती है। शुक्रवार की रात से ही शीतलहर के साथ बर्फीली हवाओं के चलने से ठंड बढ़ गई।
विज्ञापन
लोग जरूरी न हो तो अपने काम को सुबह-शाम के बजाय दोपहर में निपटा रहे हैं। शनिवार को सुबह लोग खुद को काफी गर्म कपड़े में लपेट कर निकले। कई जगह तो लोग दिन भर अलाव तापते रहे।
विज्ञापन
इस बाबत कृषि विज्ञान केंद्र के जिला समन्वयक डॉ. उपेंद्र कुमार का कहना है कि ऐसी ही ठंड अभी करीब 20 दिन तक बरकरार रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जब तक बारिश नहीं होगी, शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा। उन्होंने इस समय पाला गिरने की संभावना से किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।