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Gonda News: मॉक ड्रिल में बदहाल मिलें ऑक्सीजन प्लांट के इंतजाम
Thu, 03 Apr 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 03 Apr 2025 12:02 AM IST
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गोंडा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बुधवार को मेडिकल कॉलेज में हुई मॉकड्रिल में ऑक्सीजन प्लांट के इंतजाम बदहाल मिले। इस दौरान चार में से तीन ऑक्सीजन प्लांट नहीं चल सके। चौथा प्लांट के संचालित होने पर भी उसमें जरूरी प्रेशर मौजूद नहीं था। वहीं महिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में मीटर नहीं लगा मिला, जबकि काजीदेवर स्थित ऑक्सीजन प्लांट को उधारी के टेक्नीशियन से प्लांट संचालित कराया गया।
कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन के संकट से निपटने के लिए पीएम केयर फंड व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के फंड से छह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। इसमें मेडिकल कॉलेज (तत्कालीन जिला अस्पताल) में कोविड बिल्डिंग के लिए 1500 एलपीएम क्षमता, अस्पताल के लिए 1000 एलपीएम, 500 एलपीएम व 167 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट शामिल थे।
बुधवार को एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा की अगुवाई में हुई मॉकड्रिल के दौरान 1500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट बीते साल से खराब बताया गया। 1000 एलपीएम व 167 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट भी ठप मिला। 500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील तो मिला लेकिन इसमें मात्र 2.4 केजी/सेमी ही ऑक्सीजन प्रेशर था, जबकि सामान्य प्रेशर पांच केजी/सेमी से अधिक होना चाहिए।
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ऐसे में जरूरत पड़ने पर वेंटीलेटर व अन्य जीवन रक्षक मशीनों का संचालन मुश्किल हो सकता है। एसीएमओ ने बताया कि चार में से तीन ऑक्सीजन प्लांट खराब मिले। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि टेंडर हो चुका है 15 दिनों में सभी ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो जाएंगे। ड्रिल के दौरान उजागर हुई अन्य खामियों को भी प्राथमिकता दूर कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रेशर व शुद्धता मापने वाला मीटर नहीं
महिला अस्पताल में लगे 167 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता परखने के लिए एसीएमओ डॉ. जयगोविंद की अगुवाई में मॉकड्रिल कराया गया। जिसमें ऑक्सीजन प्लांट तो चलता मिला लेकिन, इसमें प्रेशर व शुद्धता मापने वाला मीटर ही नहीं लगा था। जिससे प्लांट का प्रेशर व ऑक्सीजन की शुद्धता की जानकारी नहीं हो सकी। एसीएमओ ने जल्द ही सुधार कर सूचना देने का निर्देश दिया।
उधार के टेक्नीशियन ने चलाया प्लांट
काजीदेवर सीएचसी पर लगे 330 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट को मॉकड्रिल के दौरान उधार के टेक्नीशियन से संचालित कराया गया। बताया गया कि यहां इसके लिए नियमित टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा के बताया कि पूर्व टेक्नीशियन के सहयोग से ऑक्सीजन प्लांट संचालित कराया जा रहा है, अगले सप्ताह तक टेक्नीशियन की नियुक्ति हो जाएगी।
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कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन के संकट से निपटने के लिए पीएम केयर फंड व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के फंड से छह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। इसमें मेडिकल कॉलेज (तत्कालीन जिला अस्पताल) में कोविड बिल्डिंग के लिए 1500 एलपीएम क्षमता, अस्पताल के लिए 1000 एलपीएम, 500 एलपीएम व 167 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट शामिल थे।
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बुधवार को एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा की अगुवाई में हुई मॉकड्रिल के दौरान 1500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट बीते साल से खराब बताया गया। 1000 एलपीएम व 167 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट भी ठप मिला। 500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील तो मिला लेकिन इसमें मात्र 2.4 केजी/सेमी ही ऑक्सीजन प्रेशर था, जबकि सामान्य प्रेशर पांच केजी/सेमी से अधिक होना चाहिए।
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ऐसे में जरूरत पड़ने पर वेंटीलेटर व अन्य जीवन रक्षक मशीनों का संचालन मुश्किल हो सकता है। एसीएमओ ने बताया कि चार में से तीन ऑक्सीजन प्लांट खराब मिले। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि टेंडर हो चुका है 15 दिनों में सभी ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो जाएंगे। ड्रिल के दौरान उजागर हुई अन्य खामियों को भी प्राथमिकता दूर कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रेशर व शुद्धता मापने वाला मीटर नहीं
महिला अस्पताल में लगे 167 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता परखने के लिए एसीएमओ डॉ. जयगोविंद की अगुवाई में मॉकड्रिल कराया गया। जिसमें ऑक्सीजन प्लांट तो चलता मिला लेकिन, इसमें प्रेशर व शुद्धता मापने वाला मीटर ही नहीं लगा था। जिससे प्लांट का प्रेशर व ऑक्सीजन की शुद्धता की जानकारी नहीं हो सकी। एसीएमओ ने जल्द ही सुधार कर सूचना देने का निर्देश दिया।
उधार के टेक्नीशियन ने चलाया प्लांट
काजीदेवर सीएचसी पर लगे 330 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट को मॉकड्रिल के दौरान उधार के टेक्नीशियन से संचालित कराया गया। बताया गया कि यहां इसके लिए नियमित टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा के बताया कि पूर्व टेक्नीशियन के सहयोग से ऑक्सीजन प्लांट संचालित कराया जा रहा है, अगले सप्ताह तक टेक्नीशियन की नियुक्ति हो जाएगी।