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300 कोरोना योद्धाओं को दी जा रही हाईड्रॉक्सी क्लोराक्वीन की डोज
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गोंडा। कोविड-19 कोरोना वायरस संक्रमण में लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी पूरी तन्मयता से लगे हुए हैं। लेकिन इसके बीच कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे याद्धाओं के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका और बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए और अपने कोरोना योद्धाओं को स्वस्थ बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कसरत कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन का असर कोरोना के इलाज में बेहतर देखा गया है। इसे देखते हुए जिले के 300 कोरोना याद्धाओं को इसकी खुराक दी जा रही है।
बता दें कि बीते 17 अप्रैल को जिले में पहला केस आया था। जिसमें कौड़िया के बिछुड़ी गांव में पहला संक्रमित पाया गया था। 17 अप्रैल से लगातार स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम कोविड लेवल-1 में लगी हुई है। इसी टीम की मेहनत और देखरेख का नतीजा है कि अब तक जिले के 44 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर जा चुके हैं। जिले के लिए सबसे अच्छी खबर ये है कि कोविड लेवल-1 में लगाये गये सभी डॉक्टर और कर्मचारी अभी तक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। लेकिन इन्हें स्वस्थ बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की डोज दी जा रही है। जिससे संक्रमण की आशंका को रोका जा सके।
250 की टीम कोविड लेवल-1 के लिए लगी
कोरोना के संक्रमितों के इलाज के लिए कोविड लेवल-1 अस्पताल जो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पंडरी कृपाल में बनाया गया है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 250 लोगों की टीम लगाई गई है। 25-25 लोगों की दस टीमें बनाई गई हैं। जिसमें पूरे जिले से डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि एक टीम की ड्यूटी लगातार 14 दिन तक कोविड लेवल-1 में लगाई जाती है। इसमें 8-8 लोगों को रोजाना तीन शिफ्ट में लगाया जाता है। एक टीम को लगातार 14 दिन तक कोविड लेवल-1 में ही रहना होता है। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए होटल में क्वारंटीन किया जाता है। इसके बाद वो अपनी तैनाती स्थल पर जाकर ड्यूटी ज्वाइन करेेगा।
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सीएमओ और सीएमएस ने भी ली है खुराक
बता दें कि जो कर्मचारी और डॉक्टर जो भी कोविड के संवेदनशील जगहों पर काम कर रहे हैं, उन्हें हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक दी जा रही है। कोविड लेवल-1 में काम करने वाली टीम के साथ ही कोरोना मरीजों को लाने और ले जाने वाले एंबुलेंस कर्मियों को भी दवा दी जा रही है। यहां तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरूण लाल ने भी ये दवा ली है। इसके साथ ही इमरजेंसी में ड्यूटी पर लगे डॉक्टर और कर्मचारियों को दवा लेने के निर्देश दिये गये हैं।
कोविड में ड्यूटी पर आने वालों को दी जा रही दवा : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मधु गैरोला ने बताया कि कोविड लेवल-1 पंडरी कृपाल में ड्यूटी पर लगी टीम के 250 सदस्यों को सतर्कता के मद्देनजर हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक दी जा रही है। इसके साथ ही आइसोलेशन वार्ड और कोरोना संदिग्धों की जांच में लगे कर्मचारियों को भी इसकी पूरी डोज दी जा रही है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है जिससे किसी स्वास्थ्य कर्मी या फिर डॉक्टर को संक्रमण न फैले।
50 लोगों को दी गई खुराक : सीएमएस
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरूण लाल ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल के मरीजों की देखभाल और इलाज में लगे कर्मचारियों को हाईड्रॉक्सी क्लारोक्वीन की खुराक दी जा रही है। लगभग 50 लोगों को दवा दी गई है। बाकी को देने के लिए सीएमओ के यहां से मांग की गई है।
ये है हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक
कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगा हुआ है। डॉक्टर और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किये बगैर ड्यूटी कर रहे हैं। इनको बचाने के लिए विभाग दवा दे रहा है। हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक के लिए डोज निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि 150 मिलीग्राम की दो गोलियां प्रत्येक सप्ताह दी जाती हैं। ये खुराक लगातार 7 सप्ताह तक दी जाती है।
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बता दें कि बीते 17 अप्रैल को जिले में पहला केस आया था। जिसमें कौड़िया के बिछुड़ी गांव में पहला संक्रमित पाया गया था। 17 अप्रैल से लगातार स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम कोविड लेवल-1 में लगी हुई है। इसी टीम की मेहनत और देखरेख का नतीजा है कि अब तक जिले के 44 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर जा चुके हैं। जिले के लिए सबसे अच्छी खबर ये है कि कोविड लेवल-1 में लगाये गये सभी डॉक्टर और कर्मचारी अभी तक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। लेकिन इन्हें स्वस्थ बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की डोज दी जा रही है। जिससे संक्रमण की आशंका को रोका जा सके।
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250 की टीम कोविड लेवल-1 के लिए लगी
कोरोना के संक्रमितों के इलाज के लिए कोविड लेवल-1 अस्पताल जो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पंडरी कृपाल में बनाया गया है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 250 लोगों की टीम लगाई गई है। 25-25 लोगों की दस टीमें बनाई गई हैं। जिसमें पूरे जिले से डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि एक टीम की ड्यूटी लगातार 14 दिन तक कोविड लेवल-1 में लगाई जाती है। इसमें 8-8 लोगों को रोजाना तीन शिफ्ट में लगाया जाता है। एक टीम को लगातार 14 दिन तक कोविड लेवल-1 में ही रहना होता है। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए होटल में क्वारंटीन किया जाता है। इसके बाद वो अपनी तैनाती स्थल पर जाकर ड्यूटी ज्वाइन करेेगा।
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सीएमओ और सीएमएस ने भी ली है खुराक
बता दें कि जो कर्मचारी और डॉक्टर जो भी कोविड के संवेदनशील जगहों पर काम कर रहे हैं, उन्हें हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक दी जा रही है। कोविड लेवल-1 में काम करने वाली टीम के साथ ही कोरोना मरीजों को लाने और ले जाने वाले एंबुलेंस कर्मियों को भी दवा दी जा रही है। यहां तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरूण लाल ने भी ये दवा ली है। इसके साथ ही इमरजेंसी में ड्यूटी पर लगे डॉक्टर और कर्मचारियों को दवा लेने के निर्देश दिये गये हैं।
कोविड में ड्यूटी पर आने वालों को दी जा रही दवा : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मधु गैरोला ने बताया कि कोविड लेवल-1 पंडरी कृपाल में ड्यूटी पर लगी टीम के 250 सदस्यों को सतर्कता के मद्देनजर हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक दी जा रही है। इसके साथ ही आइसोलेशन वार्ड और कोरोना संदिग्धों की जांच में लगे कर्मचारियों को भी इसकी पूरी डोज दी जा रही है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है जिससे किसी स्वास्थ्य कर्मी या फिर डॉक्टर को संक्रमण न फैले।
50 लोगों को दी गई खुराक : सीएमएस
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरूण लाल ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल के मरीजों की देखभाल और इलाज में लगे कर्मचारियों को हाईड्रॉक्सी क्लारोक्वीन की खुराक दी जा रही है। लगभग 50 लोगों को दवा दी गई है। बाकी को देने के लिए सीएमओ के यहां से मांग की गई है।
ये है हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक
कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगा हुआ है। डॉक्टर और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किये बगैर ड्यूटी कर रहे हैं। इनको बचाने के लिए विभाग दवा दे रहा है। हाईड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक के लिए डोज निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि 150 मिलीग्राम की दो गोलियां प्रत्येक सप्ताह दी जाती हैं। ये खुराक लगातार 7 सप्ताह तक दी जाती है।