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Gonda News: पत्नी को 1.75 लाख गुजारा भत्ता न देने पर पति को एक माह की जेल
Fri, 23 Aug 2024 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 23 Aug 2024 01:34 AM IST
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गोंडा। पत्नी को भरण पोषण की बकाया धनराशि एक लाख 75 हजार रुपये देने में असफल रहने पर सख्त रुख अपनाते हुए परिवार न्यायालय ने पति को एक माह के लिए जेल भेज दिया है।
जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली आसमा खातून ने वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम नगवा निवासी अपने पति जमालुद्दीन के विरुद्ध 13 मई 2011 को परिवार न्यायालय में केस दायर कर स्वयं के भरण पोषण के लिए धनराशि दिलाने की याचना की थी। सम्यक सुनवाई के बाद न्यायालय ने 18 अप्रैल 2018 को निर्णय सुनाया और पति जमालुद्दीन को पत्नी के भरण पोषण के लिए प्रतिमाह दो हजार रुपये देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश की अवहेलना करते हुए जमालुद्दीन ने पत्नी को भरण पोषण की धनराशि नहीं दी और 13 मई 2011 से 27 अगस्त 2018 तक उस पर एक लाख 75 हजार रुपये बकाया हो गया। आसमा खातून के प्रार्थना पत्र पर बकाया धनराशि की वसूली के लिए न्यायालय ने रिकवरी वारंट जारी किया तो वजीरगंज थाने की पुलिस ने जमालुद्दीन को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। लेकिन वह भरण पोषण की बकाया धनराशि अदा करने में असफल रहा।
बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) हरेंद्र कुमार ओझा ने अदालत में हाजिर जमालुद्दीन को एक माह (22 अगस्त 2024 से 20 सितंबर 2024 तक) की अवधि के लिए जेल भेज दिया। अदालत ने जेल अधीक्षक को आदेश देते हुए कहा है कि जमालुद्दीन बकाया धनराशि एक लाख 75 हजार रुपये अदा करता है तो उसे अविलंब रिहा कर दिया जाए।
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जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली आसमा खातून ने वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम नगवा निवासी अपने पति जमालुद्दीन के विरुद्ध 13 मई 2011 को परिवार न्यायालय में केस दायर कर स्वयं के भरण पोषण के लिए धनराशि दिलाने की याचना की थी। सम्यक सुनवाई के बाद न्यायालय ने 18 अप्रैल 2018 को निर्णय सुनाया और पति जमालुद्दीन को पत्नी के भरण पोषण के लिए प्रतिमाह दो हजार रुपये देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश की अवहेलना करते हुए जमालुद्दीन ने पत्नी को भरण पोषण की धनराशि नहीं दी और 13 मई 2011 से 27 अगस्त 2018 तक उस पर एक लाख 75 हजार रुपये बकाया हो गया। आसमा खातून के प्रार्थना पत्र पर बकाया धनराशि की वसूली के लिए न्यायालय ने रिकवरी वारंट जारी किया तो वजीरगंज थाने की पुलिस ने जमालुद्दीन को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। लेकिन वह भरण पोषण की बकाया धनराशि अदा करने में असफल रहा।
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बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) हरेंद्र कुमार ओझा ने अदालत में हाजिर जमालुद्दीन को एक माह (22 अगस्त 2024 से 20 सितंबर 2024 तक) की अवधि के लिए जेल भेज दिया। अदालत ने जेल अधीक्षक को आदेश देते हुए कहा है कि जमालुद्दीन बकाया धनराशि एक लाख 75 हजार रुपये अदा करता है तो उसे अविलंब रिहा कर दिया जाए।
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