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दहेज हत्या में पति को सात साल का कठोर कारावास
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गोंडा। चार साल पहले दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने दोषी पति को सात साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि इसी मामले में संदेह से परे साक्ष्य न मिलने पर न्यायालय ने सास व ससुर को दोषमुक्त किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि 15 सितंबर 2018 को बस्ती जिले के थाना पैकोलिया क्षेत्र के ग्राम जीतीपुर निवासी राम केवल ने छपिया थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने ढाई साल पहले अपनी पुत्री माधुरी की शादी रामपाल प्रजापति निवासी ग्राम पायरखास हरैया थाना छपिया से की थी।
माधुरी विदा होकर जब ससुराल गई तो दहेज में बाइक और नकदी की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न कर पाने पर पति, ससुर राम अचल व सास बुधना देवी उसे प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से आजिज होकर माधुरी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और दहेज हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति रामपाल, ससुर राम अचल व सास बुधना देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विचारण के दौरान सत्र न्यायालय ने अभियुक्त रामपाल प्रजापति के विरुद्ध दहेज हत्या के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। इस मामले में निर्णय सुनाते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने अभियुक्त रामपाल प्रजापति को सात साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि दोषसिद्ध न होने पर ससुर राम अचल और सास बुधना देवी को दोषमुक्त कर दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि 15 सितंबर 2018 को बस्ती जिले के थाना पैकोलिया क्षेत्र के ग्राम जीतीपुर निवासी राम केवल ने छपिया थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने ढाई साल पहले अपनी पुत्री माधुरी की शादी रामपाल प्रजापति निवासी ग्राम पायरखास हरैया थाना छपिया से की थी।
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माधुरी विदा होकर जब ससुराल गई तो दहेज में बाइक और नकदी की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न कर पाने पर पति, ससुर राम अचल व सास बुधना देवी उसे प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से आजिज होकर माधुरी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और दहेज हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति रामपाल, ससुर राम अचल व सास बुधना देवी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विचारण के दौरान सत्र न्यायालय ने अभियुक्त रामपाल प्रजापति के विरुद्ध दहेज हत्या के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। इस मामले में निर्णय सुनाते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने अभियुक्त रामपाल प्रजापति को सात साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि दोषसिद्ध न होने पर ससुर राम अचल और सास बुधना देवी को दोषमुक्त कर दिया।