{"_id":"66d88c3ae4d024e4600f36af","slug":"husband-convicted-of-culpable-homicide-sentenced-to-10-years-in-prison-gonda-news-c-100-1-gon1002-123098-2024-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: गैरइरादतन हत्या में दोषी पति को 10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: गैरइरादतन हत्या में दोषी पति को 10 साल की सजा
Wed, 04 Sep 2024 10:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 04 Sep 2024 10:05 PM IST
विज्ञापन
अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। पत्नी की गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 10 साल कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार बहराइच जिले में कैसरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर बिल्होरा निवासी सरफराज खां ने करनैलगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया कि उसके बहन सायलुननिशा की शादी ग्राम भोंका पतिसा के रहने वाले आशिक अली के साथ हुई थी। आशिक अली बहन को मारता पीटता था और तलाक देना चाहता था। 21 जुलाई 2021 की रात पता चला कि आशिक अली ने बहन को डंडे से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। विवेचना में अपराध का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान गैरइरादतन हत्या के अपराध का संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त आशिक अली को दोषी करार दिया। बुधवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त आशिक अली को 10 साल सश्रम कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। पत्नी की गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 10 साल कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार बहराइच जिले में कैसरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर बिल्होरा निवासी सरफराज खां ने करनैलगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया कि उसके बहन सायलुननिशा की शादी ग्राम भोंका पतिसा के रहने वाले आशिक अली के साथ हुई थी। आशिक अली बहन को मारता पीटता था और तलाक देना चाहता था। 21 जुलाई 2021 की रात पता चला कि आशिक अली ने बहन को डंडे से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। विवेचना में अपराध का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान गैरइरादतन हत्या के अपराध का संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त आशिक अली को दोषी करार दिया। बुधवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त आशिक अली को 10 साल सश्रम कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन