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हौसला पोषण योजना का डीएम ने किया शुभारंभ
अमर उजाला/गोंडा
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:48 PM IST
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महिलाओं को पौष्टिक आहार देते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी हौसला पोषण योजना का शुभारंभ शुक्रवार को डीएम आशुतोष निरंजन ने विकासखंड बेलसर के अंतर्गत गोद लिए हुए गांव गंगरौली एवं बकियापुर में किया। पूरे जिले में 2913 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 8815 गर्भवती महिलाओं, 15739 कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाकर योजना का आगाज हुआ।
प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना प्रथम चरण में गोंडा सहित प्रदेश के नौ जनपदों में शुरू की गई है, जहां पर कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं की संख्या ज्यादा है। गंगरौली में पंचायत भवन में डीएम ने ग्राम प्रधान व बकियापुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर डीएम ने स्वयं नारियल फोड़कर योजना का शुभारंभ किया तथा स्वयं गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को भोजन परोसा। भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने स्वयं महिलाओं एवं बच्चों के साथ तहरी खाई एवं दूध भी पिया।
इसके बाद डीएम ने योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सप्ताह में छह दिन गरमागरम भोजन, दूध-दही एवं फल आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जाएगा तथा भोजन के बाद गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली भी वहीं पर खिलाई जाएगी और कुपोषित बच्चों को पोषाहार खिलाया जाएगा।
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इस अवसर पर गंगरौली में पांच अति कुपोषित बच्चों एवं पैंतीस गर्भवती महिलाओं को तथा बकियापुर में सात अतिकुपोषित बच्चों एवं 44 गर्भवती महिलाओं को गरमागरम भोजन कराकर, दूध, फल एवं आयरन की गोलियां खिलाईं गईं।
ज्ञात हुआ कि गंगरौली में पांच तथा बकियापुर में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। डीएम ने डीपीओ को निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी एवं मेन्यू की वॉलपेंटिंग कराएं तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं।
डीएम ने डीपीओ कोे स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों से समन्वय बनाकर सभी गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन, पोषाहार, दूध व दवाइयां प्रतिदिन समय से दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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प्रदेश सरकार द्वारा यह योजना प्रथम चरण में गोंडा सहित प्रदेश के नौ जनपदों में शुरू की गई है, जहां पर कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं की संख्या ज्यादा है। गंगरौली में पंचायत भवन में डीएम ने ग्राम प्रधान व बकियापुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर डीएम ने स्वयं नारियल फोड़कर योजना का शुभारंभ किया तथा स्वयं गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को भोजन परोसा। भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने स्वयं महिलाओं एवं बच्चों के साथ तहरी खाई एवं दूध भी पिया।
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इसके बाद डीएम ने योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सप्ताह में छह दिन गरमागरम भोजन, दूध-दही एवं फल आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जाएगा तथा भोजन के बाद गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली भी वहीं पर खिलाई जाएगी और कुपोषित बच्चों को पोषाहार खिलाया जाएगा।
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इस अवसर पर गंगरौली में पांच अति कुपोषित बच्चों एवं पैंतीस गर्भवती महिलाओं को तथा बकियापुर में सात अतिकुपोषित बच्चों एवं 44 गर्भवती महिलाओं को गरमागरम भोजन कराकर, दूध, फल एवं आयरन की गोलियां खिलाईं गईं।
ज्ञात हुआ कि गंगरौली में पांच तथा बकियापुर में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। डीएम ने डीपीओ को निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी एवं मेन्यू की वॉलपेंटिंग कराएं तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं।
डीएम ने डीपीओ कोे स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों से समन्वय बनाकर सभी गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन, पोषाहार, दूध व दवाइयां प्रतिदिन समय से दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।