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रेलवे का मंडलीय अस्पताल अब बन जाएगा स्वास्थ्य केंद्र

Sun, 13 Nov 2022 11:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2022 11:09 PM IST
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गोंडा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ विनय कुमार त्रिपाठी ने देश के अट्ठारह रेलवे जोन में स्थित अस्पतालों की धरातल पर क्या स्थिति है, इनके इनपुट एवं आउटपुट का आकलन करने का निर्देश दिया है। ज्यादा खर्चा होने के बावजूद मरीजों को कम लाभ देने वाले अस्पतालों को छोटा करके स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही कई अस्पतालों को एक-दूसरे अस्पताल में सम्मलित कर दिया जाएगा। इसी के मद्देनजर बोर्ड ने एक दर्जन से अधिक ऑडिट टीम गठित किया है। यही टीम पूरे भारत के रेलवे अस्पताल की जांच करेगी। इसी को लेकर गोंडा रेलवे अस्पताल की ऑडिट हुई।
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भारत सरकार ने दो वर्ष पूर्व 18 रेलवे जोन के अंतर्गत रेलवे अस्पतालों की स्थलीय जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी है। कमेटी ने जांच में पाया है कि कई अस्पतालों में खर्चा अधिक किया जा रहा है। मगर लाभ मिलने के बजाय नुकसान हो रहा है। इसी के मद्देनजर कमेटी ने कई अस्पतालों का आकार छोटा करके स्वास्थ्य केंद्र बनाने के साथ ही कई अस्पतालों को एक- दूसरे अस्पताल में मर्ज करने की सिफारिश की है। अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ विनय कुमार त्रिपाठी ने अस्पतालों के जांच के आदेश दिए हैं।
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इसके आधार पर बोर्ड ने एक दर्जन से अधिक ऑडिट टीम गठित की है। ऑडिट टीम में अन्य मंडल के लेखा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। बोर्ड के निर्देश पर प्रत्येक ऑडिट टीम में एक सीनियर व एक जूनियर लेखाधिकारी के साथ ही एक बाबू भी शामिल किए गए हैं। बोर्ड के निर्देश पर ही पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बादशाह नगर व इज्जत नगर मंडल के बरेली रेलवे अस्पताल का ऑडिट कराया जाएगा।
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इसी के मद्देनजर इज्जत नगर मंडल के वरिष्ठ लेखाधिकारी एचएस राणा, लेखाधिकारी आशीष शर्मा व बाबू रवि कुमार सहित तीन सदस्यीय टीम ने विगत सोमवार, मंगलवार व बुधवार को रेलवे अस्पताल गोंडा में पहुंचकर आय- व्यय की जांच की। टीम के सदस्यों के अनुसार जांच रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी।

बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, गोंडा रेलवे अस्पताल में रेलवे विभाग का खर्चा ज्यादा है और फायदा बहुत कम है। इसलिए रेलवे अस्पताल के आकार को छोटा करके अब स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। गोंडा के रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमेश चंद्र का कहना है विगत सोमवार से तीन दिन तक ऑडिट टीम ने जांच किया था। टीम दोबारा जांच के लिए अस्पताल आ सकती है।
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